स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अल-क़ायदा के दो संदिग्ध ग़िरफ्तार किए गए हैं. इनमें से एक की पहचान सैयद मोहम्मद ज़ीशान अली और दूसरे की रज़ा-उल-अहमद के रूप में हुई है.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक केंद्रीय एजेंसियों के साथ दिल्ली और पश्चिम बंगाल पुलिस के संयुक्त अभियान में इन संदिग्धों को पकड़ा गया है. ये दोनों ही अल-क़ायदा की भारतीय उपमहाद्वीप शाखा (एक्यूआईएस) के सदस्य बताए जाते हैं. इनमें ज़ीशान सऊदी अरब से लाया गया है. उसे दिल्ली हवाई अड्‌डे पर पहुंचते ही ग़िरफ्तार कर लिया गया. भारतीय एजेंसियों को उसकी पिछले एक साल से तलाश थी.

ज़ीशान मूल रूप से झारखंड के जमशेदपुर का रहने वाला है. वह और उसका भाई सैयद मोहम्मद अर्शियां सऊदी अरब से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे थे. सूत्रों के मुताबिक ज़ीशान की शादी सबील अहमद नाम के एक अन्य आतंकी की बहन से हुई है. सबील अहमद ब्रिटेन के ग्लासगो हवाई अड्‌डे पर 2007 में हुए आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता कफील का भाई है. कफील बेंगलुरू से 2010-11 में सऊदी अरब चला गया था.

सूत्र बताते हैं कि ज़ीशान के अलावा गिरफ्तार किया गया दूसरा संदिग्ध 25 वर्षीय रज़ा-उल-अहमद मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है. वह एक्यूआईएस का सक्रिय सदस्य है. दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा के संयुक्त आयुक्त एमएम ओबेरॉय ने इन ग़िरफ्तारियों की पुष्टि की है. हालांकि उन्होंने इस बारे में ज़्यादा जानकारी देने से इंकार कर दिया. सिर्फ इतना ही बताया कि ‘रज़ा की ग़िरफ्तारी पश्चिम बंगाल पुलिस से मिली सूचना के आधार पर की गई. शुरुआती पूछताछ के बाद उसे पश्चिम बंगाल पुलिस के हवाले कर दिया गया है.’