सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सहारा की ऐंबी वैली प​रियोजना की वैश्विक नीलामी पर रोक लगाने से साफ इनकार कर ​दिया. सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय की याचिका पर अदालत ने कहा कि वह नीलामी पर तभी रोक लगाएगी जब वे 1,500 करोड़ रुपये सेबी के खाते में जमा कर देंगे. यह कहते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी गई. ऐंबी वैली की कीमत लगभग 43 हजार करोड़ रुपये होने का अनुमान है.

सुब्रत रॉय ने बुधवार को शीर्ष अदालत में यह याचिका दी थी. आज उनकी ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और मुकुल रोहतगी कोर्ट में पेश हुए. इन दोनों ने तर्क दिया कि समूह किसी विदेशी कंपनी से ऐम्बी वैली में 26 फीसदी शेयर बेचकर पैसा जुटाने के ​लिए बातचीत कर रहा है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी दलील मानने से मना कर दिया. इसके साथ ही उसने नीलामी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे बॉम्बे हाई कोर्ट को आगे बढ़ने की इजाजत दे दी. इससे पहले शीर्ष अदालत ने 25 जुलाई को सहारा प्रमुख को करीब 1,500 करोड़ रुपये सेबी के खाते में सात सितंबर तक जमा करने का आदेश दिया था.

यह मामला पिछले सात-आठ सालों से चल रहा है. भारतीय प्रतिभू​ति विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने सहारा समूह पर बिना अनुमति के अज्ञात स्रोतों से धन लेने का आरोप लगाया था. उसने सहारा को जल्द से जल्द अपने निवेशकों की पहचान करके उसे पैसा लौटाने को कहा था. लेकिन सहारा ने इसे अदालत में चुनौती दी. अदालत ने भी सेबी के रुख को उचित ठहराते हुए धन का भुगतान तय समय सीमा में करने का आदेश दिया था.