हामिद अंसारी पर भाजपा के निशाने को आज सभी अखबारों ने अपने मुख्यपृष्ठ की खबर बनाया है. विदा हो रहे उपराष्ट्रपति ने कहा था कि देश में अल्पसंख्यक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. इस पर भाजपा ने कहा कि हामिद अंसारी विदाई के वक्त राजनीति कर रहे हैं और यह उपराष्ट्रपति की कुर्सी का अनादर है. निर्वाचित उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि पूरी दुनिया में अल्पसंख्यक भारत में सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं.

इसके अलावा दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वाहन बीमा के नवीनीकरण के लिए प्रदूषण प्रमाण पत्र को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनिवार्य बनाने की खबर भी आज की सुर्खियों में शामिल है. शीर्ष अदालत ने यह कदम वायु प्रदूषण को नियंत्रण में लाने के लिए उठाया है. हैदराबाद की एक अदालत ने कल 2005 के आत्मघाती बम विस्फोट मामले में सभी 10 आरोपितों को बरी कर दिया. अभियोजक पक्ष इनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं पेश कर पाया था. इस खबर को भी लगभग सभी समचार पत्रों ने प्रमुखता से छापा है. उधर भूटान ने डोकलाम को चीनी क्षेत्र बताने वाले चीन के विदेश मंत्रालय के दावे को खारिज कर दिया है. गुरुवार को भूटान ने कहा कि उसकी ओर से डोकलाम को भूटानी क्षेत्र न मानने जैसी कोई बात कभी नहीं कही गई. यह समाचार भी आज की सुर्खियों में शामिल है. देश की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट को जापानी निवेशक फर्म सॉफ्टबैंक से करीब 16 हजार करोड़ रुपये का निवेश हासिल हुआ है. इसके बदले में वह कंपनी में 20 फीसदी हिस्सेदारी लेगी. इस खबर को भी अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है.

एआईएडीएमके के दोनों धड़ों के विलय की तैयारी पूरी

जे जयललिता की मौत के बाद दो भागों में बंटने वाली ​तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी अखिल भारतीय अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) के एक होने का रास्ता गुरुवार को साफ हो गया है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के मुख्यमंत्री ई पलानीसामी ने दूसरे धड़े की मांग मानते हुए कल कहा कि टीटीवी दिनाकरन की उप-महासचिव के रूप में नियुक्ति को स्वीकार नहीं किया जा सकता. दिनाकरन जेल में बंद शशिकला के भतीजे हैं. उनके गुट के 27 पदाधिकारियों ने इससे संबधित प्रस्ताव पर दस्तखत किए हैं. ओ पन्नीरसेल्वम धड़े ने विलय के लिए शशिकला के परिवार को पार्टी से पूरी तरह दूर रखने की मांग रखी थी, जो अब पूरी हो गई है. अखबार के अनुसार अगले कुछ दिनों में दोनों धड़े एक हो जाने की संभावना है.

जेपी इन्फ्राटेक दिवालिया घोषित होगी

नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (एनसीएलटी) ने रियल एस्टेट कंपनी जेपी इन्फ्राटेक को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. दैनिक जागरण ने इसे अपनी मुख्य खबर बनाया है. अखबार के अनुसार ऐसा होने से कंपनी द्वारा विकसित की जा रही परियोजनाओंं का काम रुक जाएगा. अकेले नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ही कंपनी 32 हजार से ज्यादा आवासीय फ्लैट बना रही है. आरबीआई ने बैंकों की बकाया रकम हासिल करने के लिए इस साल इंसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड बनाया था. एनसीएलटी का यह आदेश इसी संहिता के अनुसार कंपनी को 526 करोड़ रुपये का कर्ज देने वाले आईडीबीआई बैंक की याचिका पर आया.

अगले चुनाव के मद्देनजर सरकार सामाजिक योजनाओं पर खर्च बढ़ाएगी

2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्र सरकार अगले दो साल में प्रमुख सामाजिक योजनाओं पर अपने खर्च में काफी बढ़ोतरी करेगी. गुरुवार को संसद में मौजूदा वित्त वर्ष के खर्च की मध्यावधि समीक्षा पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह जानकारी दी. द टाइम्स आॅफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2019-20 तक केंद्र का कुल खर्च अभी से 21 प्रतिशत बढ़कर 26 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा. इन दो सालों में मनरेगा के बजट में 25 फीसदी, प्रधानमंत्री आवास योजना में 115 फीसदी, प्रधानमंत्री कृषि सिंंचाई योजना में 86 फीसदी, ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में 70 फीसदी की वृद्धि होने का अनुमान है. सरकार आधारभूत ढांचे पर होने वाले खर्च में भी खासी वृद्धि करेगी. हालांकि उसने साफ किया है कि इसके लिए वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लक्ष्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

पैसे लेकर सवाल पूछने वाले पूर्व सांसदों पर आरोप तय

2005 में पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में ​गुरुवार को दिल्ली की एक विशेष अदालत ने सभी 11 पूर्व सांसदों पर आरोप तय करने का आदेश दिया. यह खबर जनसत्ता के पहले पृष्ठ पर है. अखबार के अनुसार इन सभी पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में कार्रवाई होगी. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने इनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था. अदालत ने इसी का संज्ञान लेते हुए यह आदेश दिया है. इन सभी को अदालत ने 28 अगस्त को पेश होने का भी निर्देश दिया है. इन सांसदों में छह भाजपा, तीन बहुजन समाज पार्टी और एक-एक कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के थे. मामला सामने आने के बाद इन्हें संसद से निकाल दिया गया था.

2016-17 में सरकार को आरबीआई से आधा लाभांश ही मिलेगा

भारतीय रिजर्व बैंक वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान केंद्र सरकार को पिछले पांच सालों का सबसे कम लाभांश देगा. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई से केंद्र को केवल 30,659 करोड़ रुपये मिलेंगे, जबकि बजट के समय सरकार ने उससे 58,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान लगाया था. आरबीआई ने लाभांश में हुई इस कमी की कोई वजह नहीं बताई है. अखबार के अनुसार नोटबंदी के चलते भारी मात्रा में नोट छापने और उसे बैंकों में डालने में आरबीआई का खर्च काफी बढ़ गया शायद इसीलिए उसका लाभांश 2011-12 के बाद इतना कम रहा. चार साल पहले वाईएच मालेगाम समिति ने सिफारिश दी थी कि आरबीआई अपना सारा अधिशेष लाभांश के रूप में केंद्र सरकार को देगा, तब से वह पूरी राशि सरकार को दे देता है.

आज का कार्टून

अखिल भारतीय अन्ना द्रमुक (एआईएडीएमके) के दोनों धड़ों के विलय में भाजपा की भूमिका की तरफ इशारा करता द हिंदू का कार्टून