केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ज़ल्द ही इस तरह की सुविधा देने जा रही है कि अगर कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है तो उसका पीएफ (भविष्य निधि) खाता भी अपने आप नई जगह ट्रांसफर हो जाए. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक यह व्यवस्था संभवत: अगले महीने से शुरू की जा सकती है.

ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) के मुख्य आयुक्त वीपी जॉय के मुताबिक, ‘नौकरियां बदले जाने की स्थिति में बहुत से पीएफ खाते बंद करा लिए जाते हैं. इसके बाद उनमें कुछ को फिर खुलवाया जाता है और कई नहीं भी खुलते. हम इस स्थिति में बदलाव लाना चाहते हैं. हम नहीं चाहते कि खाताधारक अपने खाते बंद करवाएं. पीएफ खाता स्थायी होता है और कर्मचारी अपनी सामाजिक सुरक्षा के मद्देनज़र इसे हमेशा बनाए रख सकता है.’

उन्होंने बताया, ‘बदलाव की प्रक्रिया में हमने पीएफ खातों के साथ आधार की जानकारी देना अनिवार्य किया है. इसके ज़रिए पीएफ की रकम का ज़ल्द और बिना किसी आवेदन के दूसरी जगह ट्रांसफर करना संभव हो सकेगा. बस इसके लिए संबंधित कर्मचारी को अपने आधार को एक बार सत्यापित करना होगा. इसके बाद वह नौकरी बदलकर देश में कहीं भी जाए उसके पीएफ खाते की रकम तीन दिन के भीतर नई जगह पर पहुंचा दी जाएगी.’

जॉय के मुताबिक, ‘पीएफ खातों का समय से पहले बंद करा लिया जाना एक बड़ी समस्या है. इसी को दूर करने के लिए नए इंतज़ाम किए जा रहे हैं. इसके साथ ही ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को पीएफ के दायरे में लाया जा सके इसकी कोशिशें भी ज़ारी हैं. इस सिलसिले में जनवरी से जून तक चलाए गए अभियान के ज़रिए एक करोड़ से ज़्यादा कर्मचारियों को ईपीएफओ के दायरे में लाया गया है. इसी के साथ सेवाएं बेहतर करने की कोशिश भी की जा रही है.’