विपक्षी दलों की बैठक में शरद यादव को बुलाकर कांग्रेस जदयू के निशाने पर आ गई है. कांग्रेस के इस फैसले को लेकर जदयू के महासचिव केसी त्यागी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने कहा, ‘विपक्षी नेताओं की बैठक में हमारी पार्टी के नेता को बुलाना सोनिया गांधी की गलत मंशा दर्शाता है. हम पहले ही यूपीए और महागठबंधन से अलग चुके हैं. हमें बुलाकर वे हमारी पार्टी के नेताओं के बीच दरार पैदा करना चाहती हैं.’

उधर, बिहार में महागठबंधन तोड़ने के नीतीश कुमार के फैसले से नाराज चल रहे शरद यादव ने भी पार्टी में फूट के संकेत दिए हैं. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार गुरुवार को सारण जिले के सोनपुर में उन्होंने कहा, ‘सरकारी जदयू नीतीश कुमार के साथ है, असली पार्टी मेरे साथ है. असली पार्टी धर्मनिरपेक्ष ताकतों के साथ मिलकर अगले आम चुनाव में सरकार बनाएगी.’ इससे पहले पटना एयरपोर्ट पर उन्होंने कहा था कि बिहार में महागठबंधन पांच साल के लिए हुआ था, जिसके खत्म होने से 11 करोड़ जनता का विश्वास टूटा है.

हालांकि, जदयू के अन्य नेता शरद यादव के खिलाफ तीखी टिप्पणी करने से बच रहे हैं. पार्टी के महासचिव केसी त्यागी ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शरदजी एनडीए में शामिल होने के पार्टी के फैसले का विरोध कर रहे हैं. वे खुद को महागठबंधन का हिस्सा बता रहे हैं, लेकिन हम उसे छोड़कर अब एनडीए के साथ आ चुके हैं.’ हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि पार्टी शरद यादव की गतिविधियों और बयानों पर 19 अगस्त को पटना में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में चर्चा करेगी.