भाजपा से हमारे गठबंधन का एजेंडा यही है कि अनुच्छेद-370 पर कोई समझौता नहीं होगा.’

— महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद आया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अनुच्छेद-370 का सम्मान किए जाने का आश्वासन दिया है. महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा कि अनुच्छेद-35ए की बेवजह चर्चा ने राज्य के लोगों को चिंता में डाल दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर मुस्लिम बहुल राज्य है और इसके इस दर्जे को बरकरार रखा जाना चाहिए. अनुच्छेद-35ए जम्मू-कश्मीर विधानसभा को अपने स्थायी नागरिकों की परिभाषा तय करने का अधिकार देता है. हाल में एक एनजीओ ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

जलियांवाला बाग नरसंहार के लिए ब्रिटेन को माफी मांगनी चाहिए.’

— शशि थरूर, लेखक और कांग्रेस सांसद

शशि थरूर का यह बयान भारत में अंग्रेजी हुकूमत के समय हुए अत्याचारों पर ब्रिटेन के मौजूदा रवैए का जिक्र करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘इस नरसंहार के सौ साल पूरे होने पर क्या ब्रिटिश राजघराने का कोई व्यक्ति शोक जताने या खेद प्रकट करने अमृतसर आया, जबकि उस समय ये सारे काम क्राउन के नाम पर किए गए थे.’ शशि थरूर ने आगे कहा कि ब्रिटेन इतिहास को भूलने की बीमारी का शिकार है, इसी वजह से उसकी इतिहास की किताबों में उपनिवेशिक इतिहास के बारे में एक लाइन का भी जिक्र नहीं मिलता है. उन्होंने आगे कहा कि माफी मांगना प्रायश्चित का सबसे अच्छा तरीका है. शशि थरूर ने जर्मनी के चांसलर विली ब्रेडिट द्वारा पोलैंड से और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिस ट्रुडो द्वारा भारत से माफी मांगने का उदाहरण भी दिया.


‘वंदे मातरम राष्ट्रगीत जरूर है, लेकिन किसी कानून में राष्ट्रगान की तरह इसे गाना अनिवार्य नहीं है.’

— असदुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम सांसद

असदुद्दीन औवैसी का यह बयान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हिंदुत्व को बढ़ावा देने और देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को ध्वस्त करने का आरोप लगाते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘हम मुस्लिम केवल अल्लाह की इबादत करते हैं, मक्का या पैगंबर मोहम्मद की भी पूजा नहीं करते. लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि हम अपने देश से प्यार नहीं करते.’ असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा, ‘इतिहास गवाह है कि हमने देश के लिए कुर्बानियां दी हैं और आज भी देने के लिए तैयार हैं.’ हैदराबाद के सांसद ने भाजपा को सलाह दी कि उसे हिंदुत्व की जगह संवैधानिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा देना चाहिए.


‘स्कूल, मदरसा या कोई भी संगठन अगर तिरंगा न फहराए और राष्ट्रगान न गाए तो उसे देशद्रोही घोषित कर देना चाहिए.’

— विनय कटियार, भाजपा सांसद

विनय कटियार का यह बयान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 15 अगस्त को मदरसों में सांस्कृतिक कार्यक्रम अनिवार्य करने पर आया. इसका स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, ‘तिरंगा हमारा गौरव है, हमें इसे फहराना चाहिए.’ राज्य सरकार द्वारा जारी सर्कुलर में सभी मदरसों में 15 अगस्त को तिरंगा फहराने, राष्ट्रगान गाने और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया है. इस बारे में राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि जब स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पूरा देश मनाता है तो मदरसों को इससे अलग नहीं रखना चाहिए.


‘शरद यादव अपना फैसला करने के लिए स्वतंत्र हैं.’

— नीतीश कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह बयान बिहार में भाजपा की मदद से सरकार बनाने से नाराज शरद यादव से जुड़े सवाल पर आया. उन्होंने कहा, ‘यह कोई मेरा अकेला का फैसला नहीं था, बल्कि पार्टी ने आम सहमति से फैसला किया था.’ नीतीश कुमार ने कहा कि अगर उन्हें (शरद यादव) कोई आपत्ति थी तो पहले बताना चाहिए था. शरद यादव ने महागठबंधन तोड़ने के फैसले को जनादेश के साथ धोखा बताया है. यही नहीं, गुरुवार को उन्होंने यह भी कहा था कि सरकारी जदयू नीतीश के साथ, जबकि असली जदयू उनके साथ है. उनके इस बयान को पार्टी से अलग होने का संकेत माना जा रहा है.


‘उत्तर कोरिया की समस्या का समाधान युद्ध नहीं है.’

— अंगेला मेर्कल, जर्मनी की चांसलर

चांसलर अंगेला मेर्कल का यह बयान उत्तर कोरिया और अमेरिका की आक्रामक बयानबाजी पर आया. उन्होंने कहा कि इसका हल निकालने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में काम करने के अलावा चीन और अमेरिका सहित अन्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत है. अंगेला मेर्कल ने कहा कि अगर समस्या को हल करने के लिए कोई असैनिक प्रयास होता है तो ही जर्मनी उसमें शामिल होगा. उधर, रूस के विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव ने भी दोनों देशों के बीच की तीखी बयानबाजी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा, ‘हम नहीं जानते कि क्या होगा, लेकिन टकराव रोकने के लिए सारे संभव उपायों को अजमाया जाएगा.’