गोरखपुर के बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में छह दिनों के भीतर 60 से ज्यादा बच्चों की मौत ने प्रदेश की योगी सरकार को विपक्ष के निशाने पर ला दिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक शनिवार को मेडिकल कॉलेज का दौरा करने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने इसे उत्तर प्रदेश सरकार की लापरवाही का परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्वाचन क्षेत्र है, इसलिए उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के इस्तीफे की भी मांग की.

उधर, बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि इस दर्दनाक घटना के लिए भाजपा सरकार की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम होगी. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि योगी सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है और यही वजह है कि वह विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री आशुतोष टंडन ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है. उन्होंने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने का भरोसा दिलाया है.

शुक्रवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्ति खत्म होने से आईसीयू में भर्ती 30 बच्चों की मौत की खबर आई थी. ये सभी बच्चे जापानी इंसेफेलाइटिस से पीड़ित थे. खबरों के मुताबिक ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली एजेंसी ने बकाया पैसों का भुगतान न होने की वजह से आपूर्ति रोक दी थी. हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह का कहना है कि ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने से बच्चों की मौत नहीं हुई है.

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हालात का जायजा लेने के लिए गोरखपुर भेजा है. वहीं, प्रधानमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोरखपुर के हालात पर निगाह बनाए हुए हैं और अधिकारियों के संपर्क में हैं.