चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात कर उत्तर कोरिया के संकट पर दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उनका कहना है कि कोई भी अनुचित शब्द या कदम इलाके में माहौल को बहुत खराब कर सकते हैं. दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच यह बातचीत डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उत्तर कोरिया को धमकी देने के बाद हुई है. चीन के सरकारी टेलीविजन चीन सेंट्रल टीवी ने अपने राष्ट्रपति जिनपिंग के हवाले से कहा है कि दोनों पक्षों का इस मसले पर संयम बरतना बहुत जरूरी है.

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कल कहा था कि सारा इंतजाम हो चुका है और अमेरिकी सेना हमले के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने यह भी कहा था कि यदि वहां के शासक किम जोंग उन ने अमेरिका या उसके सहयोगियों के खिलाफ कुछ किया तो वे बाद में बहुत पछताएंगे. ट्रंप ने चीन को परमाणु कार्यक्रम रोकने के लिए उत्तर कोरिया पर दबाव बनाने और उसे समझाने को कहा है. चीन को उत्तर कोरिया का सबसे विश्वसनीय सहयोगी और संरक्षक माना जाता है. वह उसका सबसे बड़ा आर्थिक साझेदार भी है. माना जाता है कि बिना चीन के सहयोग के उत्तर कोरिया को मनाना बहुत मुश्किल है.

पिछले कुछ महीनों से उत्तर कोरिया अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर परमाणु हमले और अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने की धमकियां दे रहा है. आज ही वहां के प्रमुख अखबार मिंजु जोसोन ने अमेरिका ​पर हमला बोलते हुए कहा कि उत्तर कोरिया की सेना अमेरिका के खिलाफ कोई भी युद्ध लड़ने के लिए तैयार है, उसे केवल आदेश की प्रतीक्षा है. जानकारों का भी मानना है कि इस हफ्ते उत्तर कोरिया और अमेरिका के पहले से तनावपूर्ण संबंध और खराब हो गए हैं. वे यह भी मानते हैं कि कोई भी उकसाने वाली कार्रवाई दोनों देशों के बीच युद्ध का कारण बन सकती है. इस आशंका के चलते इस हफ्ते पूरी दुनिया के शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई.