‘जदयू केवल नीतीश कुमार की पार्टी नहीं है, मेरी भी है.’

— शरद यादव, जदयू सांसद

शरद यादव का यह बयान अपनी संवाद यात्रा के आखिरी दिन बिहार के मधेपुरा में आया. उन्होंने फिर दोहराया कि बिहार में दो जदयू हैं, एक सरकारी और दूसरी जनता का. शरद यादव ने आगे कहा, ‘वे सभी नेता और विधायक जो निजी लाभ के लिए सरकार के नजदीक हैं, नीतीश कुमार के साथ हैं, लेकिन जो नेता और कार्यकर्ता जनता के करीब हैं वे मेरे साथ हैं.’ बिहार में भाजपा से गठबंधन को गलत बताते हुए शरद यादव ने कहा कि वे सच बोलने से नहीं डरते. इससे पहले मधुबनी में उन्होंने कहा था कि बिहार के महागठबंधन के प्रयोग को पूरे देश में दोहराने की जरूरत है. इस बीच जदयू ने राज्य सभा में उन्हें पार्टी नेता के पद से हटा दिया है.

‘ सरकारें समस्या नहीं हो सकती. अगर सरकार स्वयं में समस्या है तो सरकार को फिर रहने का अधिकार नहीं.’

— योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान इलाहाबाद में गंगा ग्राम सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘इंसेफेलाइटिस की बीमारी 1978 से पूर्वी यूपी को काल के गाल में समा रही है, जिसके लिए गंदगी और खुले में शौच जिम्मेदार है.’ योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत पर शोक जताया. लखनऊ में उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई बंद होने की जांच के लिए प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है. उनका यह भी कहना था कि ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति करने वाली एजेंसी को भुगतान देने के लिए सरकार ने समय पर पैसे जारी कर दिए थे.


‘नीतीश ने सत्ता के लिए देश को कुर्बान किया है, इतिहास उन्हें माफ नहीं करेगा.’

— अली अनवर, जदयू के निलंबित सांसद

अली अनवर का यह बयान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर महागठबंधन को मिले जनादेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए आया. शुक्रवार को विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘जनता ने महागठबंधन को जो जनादेश दिया था, मैं उसी का सम्मान कर रहा हूं.’ अली अनवर ने आगे कहा कि उन्होंने और शरद यादव ने अंतरात्मा की आवाज सुनकर सच के साथ खड़ा होने का फैसला किया है. देश की आम जनता को अपने साथ बताते हुए उनका यह भी कहना था कि केंद्र और बिहार की आर्थिक और सामाजिक नीतियों से पूरे देश में बेचैनी है.


‘प्रधानमंत्री ने आठ नवंबर को हिंदुस्तान को जो कुल्हाड़ी मारी थी, उसका असर आज पता लग रहा है.’

— राहुल गांधी, कांग्रेस के उपाध्यक्ष

कांग्रेस नेता राहुल गांधी का यह बयान पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले से आर्थिक विकास दर में कमी का जिक्र करते हुए आया. कर्नाटक के रायचूर में उन्होंने कहा, ‘यह फैसला लेते समय प्रधानमंत्री ने यह क्यों नहीं सोचा कि किसान अपने बीज और खाद कैसे खरीदेगा.’ राहुल गांधी ने आगे कहा कि आज भारतीय अर्थव्यवस्था सात साल में सबसे खराब दौर से गुजर रही है. किसानों के संकट पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा किसानों की कर्जमाफी के लिए काम किया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने आगे कहा कि अगर वे (मोदी सरकार) बड़े उद्योगपतियों के कर और कर्ज को माफ कर सकते हैं, तो किसानों का क्यों नहीं?


‘अगर युद्ध प्रबंधन को आउटसोर्स किया गया तो अफगानिस्तान भी इराक बन जाएगा.’

— हामिद करजई, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति

हामिद करजई का यह बयान अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान में युद्ध प्रबंधन को एक निजी कंपनी को सौंपने पर कथित तौर पर विचार किए जाने की खबरों पर आया. उन्होंने कहा, ‘ऐसे किसी कदम का मतलब होगा कि युद्ध बहुत लंबा खिंचेगा और इसमें निर्दोष नागरिकों, महिलाओं और बच्चों का मारा जाना जारी रहेगा.’ इस कदम को अफगानिस्तान की संप्रभुता और संविधान के खिलाफ बताते हुए हामिद करजई ने कहा कि इससे मदद नहीं मिलेगी, बल्कि इसका उल्टा असर होगा. पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ जारी लड़ाई की रणनीति बदलने की बात कर चुके हैं.