क्या आप जानते हैं कि बॉलीवुड में एक लाइक की क्या कीमत होती है?

कुछ दिनों पहले करण जौहर ने इंस्टाग्राम पर काजोल को वापस फॉलो करना शुरू कर दिया. लोग हैरान रह गए कि जानी दोस्त से जानी दुश्मन बन चुके करण जौहर और काजोल के बीच आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोस्ती वाया इंस्टाग्राम दोबारा शुरू हो गई. ज्ञात रहे कि ऐसे ही एक सोशल मीडिया मंच ट्विटर पर ‘ऐ दिल है मुश्किल’ विवाद के दौरान काजोल ने करण जौहर द्वारा रिश्वत देने वाले आरोपों पर मुहर लगाते हुए ‘शॉक्ड’ नाम का ट्वीट किया था. करण जौहर ने अपनी आत्मकथा ‘ऐन अनस्यूटेबल बॉय’ में लिखा है कि ठीक तभी वे सबसे ज्यादा दुखी हुए थे यह सोचकर कि 25 साल पुरानी उनकी दोस्त काजोल ने आखिर यह कैसे मान लिया कि वे अजय देवगन की ‘शिवाय’ की आलोचना करने के लिए किसी को पैसे खिला सकते हैं. करण के अनुसार तभी के तभी उन्होंने फैसला लिया कि अब यह दोस्ती खत्म हो चुकी है और काजोल कभी उनकी जिंदगी में वापस नहीं आने वालीं.

लेकिन कुछ दिन पहले दोनों इंस्टाग्राम पर वापस दोस्त बन गए. हुआ ये कि करण जौहर ने कुछ समय पहले अपनी मां और दोनों जुड़वां बच्चों के साथ वाली एक तस्वीर इंस्टा पर पोस्ट की. पिता बनने के छह महीने में यह पहली बार था जब करण दुनिया को अपने जुड़वां बच्चों से रूबरू करवा रहे थे और इसलिए यह तस्वीर उनके लिए खास थी. काजोल ने इसी तस्वीर को ‘लाइक’ किया और लगभग तुरंत ही करण ने अपनी किताब में खाई कसम तोड़कर काजोल को खुद से जोड़ लिया.

अच्छा है. अब जब करण और काजोल आभासी दुनिया में हॉय-हैलो करना शुरू कर चुके हैं तो शायद जल्द ही असल दुनिया में की गई हाय-हाय को भी भूलने लगेंगे. और ऐसा होने से शाहरुख व काजोल के वापस स्क्रीन पर आने की संभावनाएं बढ़ने लगेंगी.

अब टाइगर श्रॉफ की आगामी फिल्म मेड इन चाइना नहीं कहलाएगी!

सबसे बड़ी खबर है कि बागी 2 की शूटिंग करते वक्त सोशल मीडिया की पसंदीदा यंग एक्ट्रेस दिशा पटानी के पैरों में चोट लग गई है! टाइगर श्रॉफ और दिशा, अहमद खान निर्देशित इस फिल्म के लिए एक गाना शूट करने वाले थे जिसकी तैयारियों के दौरान शारीरिक मुरकियां लेते वक्त दिशा का पैर ऐसा घायल हुआ कि डांस करने से मुकर गया. इस वजह से शूटिंग दो हफ्ते के लिए थाम दी गई है और इस दौरान वक्त का सदुपयोग करने के लिए दिशा, टाइगर और उनकी बहन कृष्णा श्रॉफ के साथ सेल्फी खींच रही हैं.

दूसरी छोटी खबर है कि पहले टाइगर की बागी 2 चाइना में भी शूट होने वाली थी. लेकिन बड़ी मुश्किल से सरकारी इजाजत लेकर शंघाई में लोकेशन तय होने के बाद शूटिंग कैंसिल कर दी गई क्योंकि भारत और चाइना के बीच तनातनी लगातार बढ़ रही है और फिल्ममेकर नहीं चाहते कि उनकी फिल्म किसी फालतू की कांट्रोवर्सी में पड़े.

मतलब कि अब ढेर सारी दिलचस्प कांट्रोवर्सियां पैदा करने का दारोमदार इन स्टार्स को हैंडल करने वालीं पीआर एजेंसियों पर आ गया है!


‘इस देश में मंदिर और मस्जिद बनाने से ज्यादा जरूरी शौचालय बनाना है. चाहे ‘टॉयलेट - एक प्रेम कथा’ हो या फिर मेरी आने वाली फिल्म ‘मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर’, मुझे लगता है कि यह इस विषय पर फिल्में बनाकर लोगों को जागरूक करने का एकदम सही समय है’

— राकेश ओमप्रकाश मेहरा, फिल्म निर्देशक

फ्लैशबैक | कैसे महबूब खान की फिल्म आन ने विदेशों में हिंदी सिनेमा की शान बढ़ाई?

‘मदर इंडिया’ बनाने वाले महबूब खान की फीचर फिल्म ‘आन’ (1952) उन शुरुआती हिंदी फिल्मों में गिनी जाती है जिसे दुनियाभर में रिलीज किया गया था. दिलीप कुमार इस फिल्म के हीरो थे और निम्मी व नादिरा उनकी नायिकाएं. नादिरा का रोल पहले नरगिस करने वाली थीं लेकिन उनके द्वारा राज कपूर के बैनर को ज्यादा अहमियत देने की वजह से उस नयी यहूदी लड़की नादिरा को फिल्म में लिया गया जिसने कुछ वर्षों के भीतर ही छुई-मुई अभिनेत्रियों वाले उस दौर में कई साहसिक रोल किए थे.

‘आन’ वह पहली फिल्म भी थी जो टेक्नीकलर में रिलीज हुई. इसके चटख रंग और दिलीप कुमार का अभिनय आज भी इसे एक दिलचस्प सिनेमाई अनुभव बनाता है. लेकिन इसे हिंदुस्तान की पहली टेक्नीकलर फिल्म नहीं कहा जा सकता क्योंकि इसे शूट उस वक्त की प्रचलित कलर तकनीक में 16एमएम पर किया गया था और बाद में इसके प्रिंट्स को लंदन भेजकर फिल्म को टेक्नीकलर (35एमएम) में परिवर्तित करवाया गया था.

बड़े बजट वाली इस फिल्म का प्रीमियर हिंदुस्तान के अलावा लंदन में हुआ था और इसी दौरान वह मशहूर वाक्या घटित हुआ जिसमें हॉलीवुड एक्टर एरॉल फ्लिन द्वारा हाथ चूमने की कोशिश करने पर हीरोइन निम्मी ने पीछे हटते हुए ऐसा कुछ कहा था, ‘मैं एक भारतीय महिला हूं और तुम मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकते!’

‘आन’ को विदेशों में इतना ज्यादा पसंद किया गया था कि इसका अंग्रेजी संस्करण लंदन के थियेटर में लगातार 12 हफ्तों तक चला और ऑर्सन वेल्स जैसी कई मशहूर हॉलीवुड हस्तियों के अलावा आम जनता ने भी इसे खूब सराहा. तमिल में डब हुई शुरुआती हिंदी फिल्मों में भी इसे गिना जाता है और 100 मिनट लंबे ‘सैवेज प्रिंसेस’ नाम के अंग्रेजी वर्जन के अलावा इसका लंबाई में थोड़ा छोटा जापानी वर्जन भी तैयार किया गया था.

लेकिन आश्चर्यजनक रूप से, ‘आन’ में दिलीप कुमार को नहीं बल्कि नायिका निम्मी को विदेशों में खूब पसंद किया गया. इतना कि जब फ्रांस में इसे रिलीज करने का मौका आया तो फिल्म का नाम निम्मी के किरदार के नाम पर फ्रेंच में ‘मंगला –हिंदुस्तान की लड़की’ रखा गया!