‘अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से किसी की भी मौत होना जघन्य अपराध है.’

— सिद्धार्थ नाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के चिकित्सा मंत्री

सिद्धार्थ नाथ सिंह का यह बयान राज्य के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बात करने के बाद आया. गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 70 बच्चों की मौत की घटना पर उन्होंने कहा कि इसमें ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी को भुगतान न होने या उससे कमीशन मांगे जाने सहित तमाम पहलुओं की जांच की जा रही है. सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आगे कहा कि अगर वहां ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित होने की बात सामने आती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. उनका यह भी कहना था कि प्रदेश के अन्य सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों से ऑक्सीजन की उपलब्धता और भुगतान का ब्यौरा मांगा गया था, जिसमें सब कुछ सही पाया गया है.

‘टेलीविजन, रेडियो और अखबारों पर अघोषित आपातकाल लागू है.’

— गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

गुलाम नबी आजाद का यह बयान त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार के स्वतंत्रता दिवस के भाषण को दूरदर्शन और आकाशवाणी द्वारा प्रसारित न करने पर आया. उन्होंने कहा, ‘उनका यह भाषण इसलिए नहीं प्रसारित किया गया क्योंकि इसमें भाजपा और उसकी उपलब्धियां नहीं थीं.’ गुलाम नबी आजाद ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा देश की एकता की बात करते हैं, जो पहले से एकजुट है, इसलिए उन्हें संघ के लोगों से भारत को न बांटने के लिए कहना चाहिए. वहीं, प्रधानमंत्री द्वारा गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत को प्राकृतिक आपदा बताने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि यह प्राकृतिक नहीं बल्कि मानव निर्मित आपदा थी.


‘आज संविधान में दर्ज न्याय, आजादी और समानता जैसी बातों से उलट स्थिति है, लोग डर में जी रहे हैं.’

— शरद यादव, जदयू सांसद

सांसद शरद यादव का यह बयान देश भर में साझा विरासत बचाओ सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा करते हुए आया. उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसका मकसद देश के संविधान और इसकी साझा विरासत को बचाने के लिए सभी धर्मों और जातियों को एकजुट करना है. शरद यादव ने आगे कहा कि इसमें विपक्षी नेताओं के अलावा देश भर के बुद्धिजीवी, किसान, बेरोजगार युवा, दलित और आदिवासी शामिल होंगे. वे गुरुवार से दिल्ली में इस सम्मेलन की शुरुआत करेंगे. वहीं, इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बुलाने पर शरद यादव ने कहा कि उन्होंने सभी लोगों को बुलाया है.


‘नोएडा के पीड़ित घर खरीदार इंसाल्वेंसी और बैंकरप्ट्सी कोड के तहत राहत पा सकते हैं.’

— अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री

वित्त मंत्री अरुण जेटली का यह बयान रियल एस्टेट कंपनी जेपी इन्फ्राटेक से घर खरीदने वालों की परेशानी पर आया. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने आईडीबीआई बैंक का 526 करोड़ रुपये न चुकाने पर जेपी इन्फ्राटेक के खिलाफ इंसाल्वेंसी और बैंकरप्ट्सी कोड के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है. इससे इसके ग्राहकों के सामने अपना घर पाने का संकट खड़ा हो गया है. इस पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जिन्होंने भुगतान किया है, उन्हें अपना घर पाने का पूरा अधिकार है. वित्त मंत्री का यह भी कहना था कि अगर पीड़ित इंसाल्वेंसी और बैंकरपट्सी कोड के तहत राहत पाने की कोई पहल करते हैं तो सरकार उनके साथ पूरी सहानुभूति रखेगी.


‘वेनेजुएला के संकट का समाधान शांतिपूर्ण और बगैर किसी बाहरी दखल के होना चाहिए.’

— सर्गेई लावरोव, रूस के विदेश मंत्री

सर्गेई लावरोव ने यह बात वेनेजुएला की आंतरिक उथल-पुथल में सैन्य दखल देने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के
बयान पर कही. उन्होंने कहा, ‘वेनेजुएला को राष्ट्रीय स्तर पर आपसी बातचीत से समस्या का समाधान करना चाहिए.’ वहीं, 2015 के अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव पर सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस ईरान से इससे अलग नहीं होने और अमेरिका से अपनी जवाबदेही का पालन करने की उम्मीद करता है. इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी ने कहा था कि अमेरिका ने अगर अब एक भी नया प्रतिबंध लगाया तो ईरान इस समझौते से महज कुछ घंटे में अलग हो जाएगा. इस समझौते के तहत ईरान वित्तीय प्रतिबंध हटने की शर्त पर अपने परमाणु कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में लाने के लिए तैयार हो गया था.