उत्तर प्रदेश में गोरखपुर जिले के बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के मामले में पहली जांच रिपोर्ट आ गई है. इसमें दो वरिष्ठ डॉक्टरों पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया गया है. एनडीटीवी के मुताबिक गोरखपुर के जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने अपनी रिपोर्ट में ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने के लिए एनस्थीसिया विभाग के प्रमुख डॉ सतीश कुमार को मुख्य रूप से जिम्मेदार बताया है. इसके साथ मेडिकल कॉलेज के निलंबित प्रिंसिपल डॉ राजीव मिश्रा को निगरानी रखने की कमी और ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स के भुगतान में देरी के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है.

हालांकि, जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने अपनी रिपोर्ट में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों के वार्ड के प्रमुख डॉ कफील खान को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है. डॉ खान को प्रदेश सरकार ने निलंबित कर दिया था. लेकिन, इसमें डॉ खान सहित मेडिकल कॉलेज के शीर्ष चार डॉक्टरों के बीच तालमेल न होने की बात कही गई है. इसमें कहा गया है कि ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी को आपूर्ति नहीं रोकनी चाहिए थी, क्योंकि वह जीवन बचाने के पेशे से जुड़ी थी.

इस रिपोर्ट में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्ति के ब्योरे को उलझाऊ बताया गया है. इसमें भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए गहरी जांच की जरूरत बताई गई है. इस मामले की दूसरी जांच प्रमुख सचिव कर रहे हैं, जिसकी प्राथमिक रिपोर्ट रविवार तक आने की उम्मीद है. हालांकि, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौतों का सिलसिला जारी है. खबरों के मुताबिक बीते दो दिनों में 35 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है.