पाकिस्तान की नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला युसुफजई अब प्रतिष्ठित आॅक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ाई करेंगी. 20 साल की मलाला को वहां प्रवेश मिल गया है. सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर यह जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा कि वे वहां पढ़ने के लिए बेहद उत्साहित हैं. मलाला को पांच साल पहले पाकिस्तान में तालिबानी बंदूकधारियों ने सिर में गोली मार दी थी, लेकिन वे इस हमले में बचने में सफल रहीं.

मलाला ने आज के अपने ट्वीट में आॅक्सफोर्ड से मिले उस मैसेज की तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें लिखा है कि उन्हें दर्शनशास्त्र, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र के कोर्स (पीपीई) में दाखिला मिला है. दुनिया में इस कोर्स की काफी प्रतिष्ठा है. विश्व की कई जानी-मानी हस्तियां और राजनेता आॅक्सफोर्ड में इन विषयों को पढ़ चुके हैं. मलाला ने हाल ही में ब्रिटेन के एक स्कूल से अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की है. उसके नतीजे का ऐलान कल ही हुआ है. हालांकि उन्होंने स्कूल के नतीजे के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया, पर यह जरूर लिखा कि ए-लेवल हासिल करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई! उन्होंने ऐसे विद्यार्थियों को शुभकामनाएं भी दी हैं.

मलाला युसूफजई को 2012 में पाकिस्तान के स्वात घाटी में तब गोली मार दी गई थी, जब वे स्कूल की परीक्षा देकर गांव लौट रही थीं. उन्होंने पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा की वकालत की थी, जिससे तालिबान बहुत नाराज था. इस हमले के बाद पूरी दुनिया से उन्हें मदद की पेशकश की गई. ब्रिटेन ने उन्हें अपने यहां इलाज की सुविधाएं मुहैया कराईं. उनके ठीक होने पर वहीं पढ़ाई का भी इंतजाम किया. अभी उनका पूरा परिवार बर्मिंघम में रह रहा है. वे यहां रहकर पढ़ाई करने के अलावा लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा दे रही हैं. मलाला की इन कोशिशों को देखते हुए 2014 में उन्हें भारत के कैलाश सत्यार्थी के साथ संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया. इस तरह महज 17 साल की उम्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाली वह दुनिया की सबसे कम उम्र की शख्स बन गई थीं.