महाराष्ट्र की भाजपा सरकार को किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर अपनी ही पार्टी के सांसदों की नाराजगी झेलनी पड़ रही है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार भंडारा-गोंडिया सीट से लोकसभा सांसद नाना पटोले ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस सरकार द्वारा कर्जमाफी की घोषणा के बावजूद किसानों की खुदकुशी के मामले अभी भी बढ़ रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, ‘इसका मतलब है कि किसानों की कर्जमाफी योजना में कई समस्याएं हैं और इसे सही से लागू नहीं किया जा रहा है.’

भाजपा के वरिष्ठ नेता नाना पटोले का यह बयान गुरूवार को भाजपा कार्यकारिणी की बैठक के संदर्भ में आया, जहां किसानों का मुद्दा प्रमुखता से उठा था. रिपोर्ट के मुताबिक नाटा पटोले ने आगे कहा, ‘भाजपानीत राज्य सरकार निश्चित तौर पर किसानों के प्रति असंवेदनशील है, जिससे किसानों में निराशा बढ़ रही है.’ उनके मुताबिक किसान यह भरोसा खो रहे हैं कि राज्य सरकार उनके लिए कुछ करेगी, इसीलिए वे आत्महत्या कर रहे हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने जून में किसानों की कर्जमाफी की घोषणा की थी.

रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा सांसद नाना पटोले ने आगे कहा कि राज्य सरकार के पास कर्जदार किसानों का पूरा ब्योरा पहले से मौजूद है, फिर भी लाभार्थियों की सूची तैयार करने में समय लग रहा है जिससे सरकार की मंशा और इसे लागू करने की प्रक्रिया पर संदेह होता है.

इस बीच मराठवाड़ा के आठ जिलों में बीते 10 दिन में 34 किसानों की खुदकुशी की खबर है. हालांकि, इसकी वजहें अभी स्पष्ट नहीं हो पाई हैं. इस साल एक जनवरी से 15 अगस्त तक पूरे महाराष्ट्र में 580 किसानों के आत्महत्या करने के मामले सामने आए हैं. इनमें बीड जिले में सबसे ज्यादा 107 किसानों ने खुदकुशी की है.