एआईएडीएमके (अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) की नेता शशिकला नटराजन से जुड़ा एक और ख़ुलासा हुआ हे. द हिंदू ने बेंगलुरू की केंद्रीय जेल के सीसीटीवी (क्लोज़ सर्किट टेलीविज़न) कैमरों से मिले फुटेज के हवाले से इस बाबत ख़बर दी है. इसके मुताबिक शशिकला को संभवत: जेल से बाहर आने-जाने की सुविधा भी मिली है.

अख़बार के मुताबिक जेल की पूर्व डीआईजी (उपमहानिरीक्षक) डी रूपा ने कर्नाटक पुलिस की एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराए हैं. इनमें शशिकला सादा कपड़ों में जेल के मुख्य दरवाज़े के बाहर हाथ में बैग लिए चहलकदमी करती हुई नज़र आ रही हैं. इन फुटेज से रूपा के आरोप सही साबित होते नज़र आ रहे हैं. रूपा ने शनिवार को जेल के यह फुटेज एसीबी को सौंपे. साथ ही अपना बयान भी दर्ज़ कराया.

सादा कपड़ों में शशिकला हाथ में बैग लेकर जेल में दाख़िल हो रही हैं. फोटो क्रेडिट : द हिंदू
सादा कपड़ों में शशिकला हाथ में बैग लेकर जेल में दाख़िल हो रही हैं. फोटो क्रेडिट : द हिंदू

ग़ौरतलब है कि डीआईजी रूपा ने पिछले महीने ही तत्कालीन पुलिस महानिदेशक एचएन सत्यनारायण राव को एक रिपोर्ट सौंपी थी. इसमें उन्होंने बताया था कि शशिकला ने ख़ास सुविधाएं हासिल करने के लिए जेल अफसरों को दो करोड़ रुपए की रिश्वत दी है. इसके बदले में जेल के अफसरों ने उन्हें विशेष रसोई जैसी कई आलातरीन सुविधाएं मुहैया कराई हैं. इस रिपोर्ट में डीजीपी राव को भी शशिकला से मिली रिश्वत का लाभार्थी बताया गया था.

सरकार ने इन आरोपों के बाद मामले की जांच एसीबी को सौंप दी थी. साथ ही डीजीपी राव और डीआईजी रूपा को उनके पदों से हटा दिया था. सरकार ने राव को कोई नई पदस्थापना नहीं दी थी. जबकि रूपा को यातायात शाखा में भेज दिया था. ग़ौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा चार साल की सजा सुनाए जाने के बाद शशिकला बेंगलुरू जेल में हैं. अदालत ने उन्हें यहां आम कैदियों की तरह रखने का आदेश दिया है.