‘आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन से अभियान चलाकर लड़ने की जरूरत है.’

— पीयूष गोयल, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का यह बयान 8वीं वर्ल्ड रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस में आया. उन्होंने कहा, ‘भारत वर्षों से आतंकवाद की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन पहले पूरे विश्व ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था. इसी तरह जलवायु परिवर्तन भी कई देशों को दूर की बात लगती है और वे इसे मानव अस्तित्व के प्रमुख तत्व के तौर पर मान्यता नहीं दे रहे हैं.’ पीयूष गोयल ने आगे कहा कि जलवायु परिवर्तन एक गंभीर विषय है, इसका सभी देशों को मिलकर सामना करना चाहिए. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कार्बन उत्सर्जन रोकने, विकेंद्रीकरण और डिजिटाइजेशन जैसे कदम नहीं उठाए गए तो इसका असर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा और इसकी रफ्तार धीमी हो जाएगी.

‘मुख्यमंत्री (मनोहर पर्रिकर ) को पद से इस्तीफा देकर उपचुनाव लड़ना चाहिए.’

— संजय राउत, शिव सेना सांसद

शिवसेना सांसद संजय राउत का यह बयान गोवा के पणजी में 23 अगस्त को होने जा रहे उपचुनाव को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘अगर किसी चुनाव में मुख्यमंत्री मुकाबले में होता है तो यह बाकी प्रत्याशियों के लिए बराबरी की लड़ाई नहीं रह जाती है.’ संजय राउत ने आगे कहा कि जब भी कहीं पर मुख्यमंत्री चुनाव लड़ता है तो राज्य की पूरी मशीनरी उसके अधीन होती है, जिसका वह दुरुपयोग कर सकता है. शिवसेना सांसद के मुताबिक पिछले दिनों मनोहर पर्रिकर ने पणजी और वालपोई उपचुनाव को ध्यान में रखकर विधानसभा में कई घोषणाएं की थीं जो मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग है.


‘भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन कश्मीरियों के अधिकारों की बात आने पर लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन नहीं करता है.’  

— सैयद अली शाह गिलानी, जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता

सैयद अली शाह गिलानी ने यह बात कश्मीर समस्या सुलझाने के लिए भारत द्वारा इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत दिखाने की जरूरत बताते हुए कही. उन्होंने कहा, ‘हम यह नहीं मांग रहे कि भारत अपने वैध इलाके को छोड़ दे. हम चाहते हैं कि भारत प्रगति करे और आजाद रहे, लेकिन उसे भी जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों से इनकार नहीं करना चाहिए.’ कश्मीर समस्या पर पूर्व प्रधानंमत्री अटल बिहारी वाजपेयी के फार्मूले का मजाक उड़ाते हुए सैयद अली शाह गिलानी ने कहा, ‘इंसानियत के समर्थकों ने अपनी ताकत और आक्रामकता से हमें झुकाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.’ हाल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पाकिस्तान से पैसे लेने के मामले में सैयद अली शाह गिलानी के बेटे और दामाद के खिलाफ कार्रवाई की है.


‘मोदी सरकार आतंक के मामलों में हिंदू आरोपितों के साथ नरमी दिखा रही है.’

— असदुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद

असदुद्दीन ओवैसी का यह बयान मालेगांव बम धमाके के आरोपित कर्नल पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर आया. उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार आतंक इन मामलों में आरोपितों की जमानत होने या बरी किए जाने पर आगे की अदालतों में अपील नहीं करती है.’ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद से यह पैटर्न दिखाई दे रहा है.’ उनका यह भी कहना था कि जमानत लोगों का अधिकार है, लेकिन सवाल यह उठता है कि मुस्लिमों, दलितों और आदिवासियों को जमानत क्यों नहीं मिल रही है, जबकि जेलें भरी हैं.


‘लद्दाख में भारतीय सैनिकों ने हिंसा करके चीनी सैनिकों को घायल किया है.’

— हुआ चुनयिंग, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता

हुआ चुनयिंग का यह बयान 15 अगस्त को लद्दाख की पैंगांग झील पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हाथापाई और पथराव की घटना पर आया. उन्होंने कहा कि यह घटना सीमा पर दोनों देशों की आपसी सहमति का उल्लंघन है. हुआ चुनयिंग ने आगे कहा कि चीन ने इस घटना पर असंतोष जताया है और भारत से 1959 की वास्तविक नियंत्रण रेखा का पालन करने का अनुरोध किया है. उनका यह भी कहना था कि सीमा पर शांति और सौहार्द बना रहे, इसके लिए भारतीय सैनिकों का अनुशासन का सख्ती से पालन करना जरूरी है. चीन ने इससे पहले लद्दाख में ऐसी किसी घटना से इनकार किया था.