गोवा, दिल्ली और आंध्र प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए बुधवार को मतदान हो रहा है. इन तीन में दो सीटें तो ऐसी हैं, जिन पर सीधे गोवा और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों- मनोहर पर्रिकर और अरविंद केजरीवाल की प्रतिष्ठा ही दांव पर लगी हुई है. इन सीटों के नतीजे 28 अगस्त को घोषित होंगे.

गोवा की पणजी सीट पर ख़ुद पर्रिकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हैं. उनके ख़िलाफ कांग्रेस के गिरीश चोडनकर और गोवा सुरक्षा मंच के आनंद शिरोडकर किस्मत आजमा रहे हैं. लेकिन कड़ा मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है. वैसे पर्रिकर 1994 से 2012 तक पणजी सीट से ही लगातार विधानसभा के लिए चुने गए हैं. ऐसे में उनके लिए यह सीट निकालना आसान माना जा रहा है.

दूसरी तरफ एमसीडी (दिल्ली के नगर निगम) चुनावों में भाजपा के हाथों बुरी तरह हार झेल चुकी अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) के लिए बवाना विधानसभा उपचुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न है. आप ने यहां से राम चंदर को टिकट दिया है. वहीं भाजपा ने आप से ही आयातित वेद प्रकाश को मैदान में उतारा है. वेद प्रकाश ने 2015 में बवाना सीट से आप के टिकट पर जीत हासिल की थी. लेकिन अपनी विधानसभा सदस्यता छोड़कर वे भाजपा में शामिल हो गए. इसीलिए यहां उपचुाव हो रहा है. बवाना में कांग्रेस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में है. उसने सुरेंदर कुमार को टिकट दिया है जो इससे पहले तीन बार इस क्षेत्र का विधानसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.

आंध्र प्रदेश की नंदयाल विधानसभा सीट पर सत्ताधारी टीडीपी (तेलुगुदेशम पार्टी) और जगनमोहन रेड्‌डी की वाईएसआर कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है. यहां से टीडीपी ने ब्रह्मानंद रेड्‌डी को उम्मीदवार बनाया है. जबकि वाईएसआरसी ने पूर्व मंत्री शिल्पा चंद्रमोहन रेड्‌डी को उतारा है जिन्हें 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान टीडीपी उम्मीदवार के ताैर पर इस सीट से हार का सामना करना पड़ा था.