बीते चार दिन में दो रेल हादसों के बाद रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल ने इस्तीफा दे दिया है. एके मित्तल को प्रधानमंत्री कार्यालय की मंजूरी से नियुक्त किया गया था और उनका कार्यकाल जुलाई 2018 तक था. उन्हें पिछले महीने दो साल का कार्यकाल विस्तार भी दिया गया था. समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि एके मित्तल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. इस बीच मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने एयर इंडिया के प्रमुख अश्विनी लोहानी की रेलवे बोर्ड के चेयरमैन पद पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. वे भारतीय रेलवे सेवा के 1980 बैच के अधिकारी हैं.

खबरों के मुताबिक रेल हादसों में बढ़ोतरी के चलते रेलवे प्रशासन पर जवाबदेही तय करने का दबाव काफी बढ़ गया था. खास तौर पर कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के हादसाग्रस्त होने के बाद ट्विटर पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने लिखा था, ‘रेलवे बोर्ड द्वारा ट्रेनों के परिचालन में ढिलाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा. मैंने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया है.’

पिछले शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतर गए थे. इसमें 22 लोग मारे गए थे. इसके ठीक चार दिन बाद बुधवार को औरैया के पास कैफियत एक्सप्रेस के नौ डिब्बे पटरी से उतर गए. इस हादसे में 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है. आंकड़ों के मुताबिक बीते पांच साल में 586 रेल हादसे हुए हैं. इनमें से लगभग 53 फीसदी हादसे ट्रेनों के पटरी से उतरने के चलते हुए हैं.