बीते दिनों से लगातार हो रहे रेल हादसों के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इनकी नैतिक जिम्मेदारी लेने की बात कही है. बुधवार को उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. इसके साथ उन्होंने कहा है, ‘बतौर मंत्री तीन साल से कम वक्त में मैंने रेलवे की बेहतरी के लिए अपना खून-पसीना एक किया है.’ सुरेश प्रभु ने अपने ट्वीट में आगे रेलवे की उपलब्धियों और इसमें निवेश का भी जिक्र किया. उन्होंने रेल हादसों के बारे में लिखा है, ‘इन दुर्घटनाओं में यात्रियों के घायल होने, कीमती जिंदगियों के जाने से मुझे बहुत तकलीफ पहुंची है...’ केंद्रीय मंत्री प्रभु ने आगे जानकारी दी है, ‘मैं प्रधानमंत्री से मिला हूं और पूरी नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं. माननीय प्रधानमंत्री ने मुझे रुकने के लिए कहा है.’

रेल मंत्री सुरेश प्रभु से पहले बुधवार को ही रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एके मित्तल ने इस्तीफा दे दिया है. बीते शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस हादसे में 22 लोग मारे गए थे. इसके बाद बुधवार को औरैया के पास कैफियत एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के चलते 70 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है. इंडिया स्पेंड की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते एक दशक में रेल हादसों में कुल 458 लोग मारे गए हैं, जिनमें से 193 लोगों की मौत 2016-17 के दौरान दुर्घटनाओं में हुई है.