केंद्र सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए क्रीमी लेयर की सीमा को बढ़ा दिया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसकी घोषणा की. उन्होंने बताया कि ओबीसी क्रीमी लेयर की मौजूदा छह लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दिया गया है. केंद्र के इस फैसले से अब आठ लाख रुपये तक की आय वाले ओबीसी परिवारों के बच्चों को आरक्षण का लाभ मिल सकेगा.

इसके साथ केंद्र सरकार ने ओबीसी के भीतर उपवर्ग बनाने के मुद्दे पर विचार करने के लिए आयोग बनाने का भी फैसला किया है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि 12 हफ्ते में इसकी रिपोर्ट आने की उम्मीद है. खबरों के मुताबिक राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) पहले ही ओबीसी में ऐसे वर्गीकरण सिफारिश कर चुका है. उसने केंद्र को सौंपी एक रिपोर्ट में ओबीसी के भीतर तीन उपवर्ग बनाने की सलाह दी है.

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के मुताबिक एनसीबीसी ने अन्य पिछड़ा वर्ग को अति पिछड़ा वर्ग (ग्रुप-ए), अधिक पिछड़ा वर्ग (ग्रुप-बी) और पिछड़ा वर्ग (ग्रुप-सी) में बांटने की सलाह दी है. इसके अलावा एनसीबीसी ने ओबीसी के अति पिछड़े और अगड़े समूहों में अंतर करने की बात कही है. यही नहीं, आयोग ने ओबीसी के अति पिछड़े समूह को एक अलग समूह के रूप में गठित करने की भी सिफारिश की है, जिसमें आदिवासियों, विमुक्त जातियों और खानाबदोश जनजातियों को शामिल किया जाना चाहिए.