राष्ट्रीय जनता दल की 27 अगस्त को पटना में होने वाली ‘भाजपा भगाओ महारैली’ में जदयू के बागी नेता शरद यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी भाग लेंगे. यह जानकारी पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने बुधवार को दी. उन्होंने यह भी कहा कि बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती का इस रैली में न आना महारैली के लिए कोई ‘धक्का’ नहीं है क्योंकि उनकी जगह बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा शिरकत करेंगे.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शरद यादव के इस रैली में शामिल होने पर राज्यसभा सदस्यता खत्म हो सकने के दावे पर लालू यादव ने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा मामला दल-विरोधी कानून के दायरे में नहीं आता. शरद यादव का समर्थन करते हुए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनका खेमा ही असली जदयू है.

लालू प्रसाद यादव ने यह भी बताया कि रविवार को होने वाले इस आयोजन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और सीपी जोशी भी भाग लेंगे. ये नेता कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का संदेश लाएंगे. उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के भी इस रैली में शामिल होने की संभावना जताई है.

लालू प्रसाद यादव ने कुछ हफ्ते पहले ऐलान किया था कि इस महारैली में वे उत्तर प्रदेश के दो धुर विरोधियों समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और मायावती को मिलाएंगे. उन्होंने तब कहा था कि ऐसा होने पर 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और नरेंद्र मोदी की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी. हालांकि अब इस घोषणा के पूरे होने के कोई आसार नहीं हैं. आलोचकों के अनुसार नीतीश कुमार के महागठबंधन से अलग हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह के प्रयोग होने को लेकर अभी संशय है. माना जा रहा है कि इस महारैली से भाजपा विरोधी पार्टियां अगले लोकसभा चुनाव में एकजुट होने का संदेश देने की कोशिश कर रही हैं.