लगातार हो रहे रेल हादसों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु के पद से इस्तीफे की पेशकश की है. उन्होंने बुधवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने लिखा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री से मिला हूं और पूरी नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं. माननीय प्रधानमंत्री ने मुझे रुकने के लिए कहा है’. इस खबर को आज के अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इसके अलावा ओबीसी क्रीमी लेयर की सीमा को मौजूदा छह लाख से बढ़ाकर आठ लाख रुपये करने की खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है.

राजद की ‘भाजपा भगाओ, देश बचाओ’ रैली को बड़ा झटका

बिहार के पटना में 27 अगस्त को प्रस्तावित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ‘भाजपा भगाओ, देश बचाओ’ रैली को बड़ा झटका लगा है. द एशियन एज की एक रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, बसपा प्रमुख मायावती और सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी के इस रैली में शामिल न होने के आसार हैं. बताया जाता है कि राहुल गांधी ने इससे पहले रैली में शामिल होने की बात कही थी, लेकिन अब कांग्रेस की ओर से गुलाम नबी आजाद को भेजा जाएगा. दूसरी ओर बसपा की ओर से सतीश चंद्र मिश्रा के शामिल होंगे. बताया जाता है कि डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन और एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने इस संबंध में अब तक अपनी स्थिति साफ नहीं की है. उधर, भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने राजद पर निशाना साधते हुए इस रैली को ‘मेरी प्रॉपर्टी बचाओ’ रैली करार दिया है.

उत्तर प्रदेश : गन्ना किसानों के करीब 2000 करोड़ रु चीनी मिलों के पास अभी भी बकाया

उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के पांच महीने से अधिक होने के बाद भी गन्ना किसानों को उनकी फसल की पूरी कीमत नहीं मिल पाई है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीनी मिलों पर किसानों का अभी भी 1,944 करोड़ रु बकाया है. गन्ना आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के आधार पर यह बात सामने आई है कि मिलों ने 22 अगस्त तक 25,387 करोड़ रु में से 23,443 करोड़ रु किसानों को चुकता कर दिए हैं. भाजपा ने इस साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले अपने घोषणापत्र में लोगों से वादा किया था कि उनकी सरकार बनने पर चार महीने के अंदर गन्ना किसानों को उनका बकाया भुगतान कर दिया जाएगा. साथ ही इसके आगे 14 दिनों के भीतर भुगतान हो सके, इसे सुनिश्चित किया जाएगा.

लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू न करने से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई पदाधिकारियों को नोटिस जारी किया

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू न करने से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने इसके पदाधिकारियों को नोटिस जारी किया है. अमर उजाला में छपी एक खबर के मुताबिक इनमें कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना, कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध शामिल हैं. इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने प्रशासकों की समिति (सीओए) को बोर्ड के नए नियम-कायदों का प्रारूप तैयार करने को कहा है. इस मामले की सुनवाई कर रही न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने 19 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में अमिताभ चौधरी को मौजूद रहने के लिए कहा है.

आज का कार्टून

रेलवे सुरक्षा पर द हिंदू में प्रकाशित आज का कार्टून :