लंबे समय तक इंकार करते रहने के बाद अब लगता है कि केरल की पुलिस और राज्य की सरकारी मशीनरी ‘लव ज़िहाद’ के मामलों को गंभीरता से ले रही है. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक केरल पुलिस ने एक गोपनीय रिपोर्ट में स्वीकार किया है कि उसके सामने ‘पिछले कुछ समय से लव ज़िहाद के मामले लगातार आ रहे हैं.’

इस रिपोर्ट के मुताबिक ‘दावा दस्ता’ नाम का एक कट्‌टरपंथी संगठन राज्यों के युवाओं का धर्म परिवर्तन करा रहा है. उन्हें किसी न किसी तरह से इस्लाम अपनाने के लिए मज़बूर कर रहा है. इस संगठन के निशाने पर अन्य समुदायों की तुलना में एझवा (हिंदू) समुदाय के लाेग अधिक हैं. इस अभियान के चलते अब तक त्रिसूर जिले में 23 युवा इस्लाम अपना चुके हैं. पिछले दो साल में पलक्कड़ में तो 139 लोग इस्लाम धर्म अपना चुके हैं. सबसे ज़्यादा धर्म परिवर्तन के मामले कन्नूर, त्रिसूर, कोझीकोड, मलप्पुरम और पलक्कड़ में सामने आए हैं.

रिपोर्ट की मानें तो ‘दावा दस्ता’ विशेष तौर पर युवा लड़कियों को निशाना बना रहा है. इनमें भी उन लोगों पर ख़ासकर डोरे डाले जा रहे हैं जिनकी वैचारिक प्रतिबद्धता वामपंथ के साथ है. इसमें यह भी चेतावनी दी गई है कि इन हालात में हिंदू-मुसलमानों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. राज्य के पुलिस प्रमुख लोकनाथ बेहरा इस रिपोर्ट के निष्कर्षों की पुष्टि भी करते हैं. उनके मुताबिक, ‘दावा दस्ता या लव ज़िहाद किसी की कल्पना की उपज नहीं है. धर्म-परिवर्तन के ज़रिए राज्य में कट्‌टरपंथ का प्रसार होना एक वास्तविकता है. हमने हालात से निपटने के लिए विशेषज्ञ टीमें बनाई हैं. ये टीमें ऐसे मामलों की पड़ताल कर समग्र रूप से इनसे निपटेंगी.’

ग़ौरतलब है कि इसी महीने सुप्रीम कोर्ट ने भी केरल के ‘लव ज़िहाद‘ के एक मामले को संदिग्ध माना था. इसके साथ शीर्ष अदालत ने इस मामले की जांच एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंप दी थी. शफीन और हादिया की शादी से जुड़े इस मामले को केरल उच्च न्यायालय ने भी ‘लव ज़िहाद’ मामला ही माना था.