‘नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल को कमजोर करने के गंभीर परिणाम होंगे.’

— जयराम रमेश, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री

जयराम रमेश का यह बयान मोदी सरकार पर नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) के अधिकार सीमित करने का आरोप लगाते हुए आया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार एनजीटी को भारत के वर्तमान और भविष्य के लिए जरूरी व्यवस्था के तौर पर नहीं देखती. जयराम रमेश ने आगे कहा, ‘एनजीटी को कमजोर करने की कोशिश स्वच्छ पर्यावरण और संतुलित पारिस्थितिकी पाने के मौलिक अधिकार पर सीधा हमला है.’ उनके मुताबिक मोदी सरकार पर्यावरण को सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नियामकीय बोझ की तरह लेती है. मेघालय में अपनी किताब ‘इंदिरा गांधी : अ लाइफ इन नेचर’ के लोकार्पण के मौके पर पूर्व पर्यावरण मंत्री ने कहा कि पर्यावरण और विकास में संतुलन बनाना चाहिए और टकराव होने पर सावधानी से फैसला करना चाहिए.

‘लगता है कि कहीं लोग अपने बच्चों को भी सरकार के भरोसे न छोड़ दें कि सरकार उनका पालन-पोषण करे.’

— योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान लोगों पर अपनी ज्यादा से ज्यादा जिम्मेदारी सरकार पर छोड़ने का आरोप लगाते हुए आया. हालांकि, उनके इस बयान को गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौतों पर सरकार की आलोचना की प्रतिक्रिया माना जा रहा है. साफ-सफाई की आदत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘हम लोग मानते हैं कि यह सब सरकार की जिम्मेदारी है. लगता है कि हम लोग अपनी सारी जिम्मेदारी से मुक्त हो गए हैं.’ योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि हम लोगों में अपनी नागरिक जिम्मेदारी की समझ नहीं है और हम साफ-सफाई नहीं करना चाहते.


‘संविधान के अनुच्छेद-35ए का समर्थन करना देशविरोधी कदम नहीं है.’

— उमर अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का यह बयान अनुच्छेद-35ए के समर्थन में पार्टी द्वारा अभियान चलाने का ऐलान करते हुए आया. उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में पक्षकार बनने के लिए याचिका लगाएगी. उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा कि जब तक जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस का परचम लहराता रहेगा, अनुच्छेद-35ए संविधान का हिस्सा बना रहेगा. उनके मुताबिक यह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को अपनी पहचान और गरिमा को सुरक्षित रखने की संवैधानिक गारंटी देता है. अनुच्छेद-35ए के तहत जम्मू-कश्मीर विधानसभा को अपने स्थायी नागरिकों की परिभाषा तय करने का विशेषाधिकार मिला है. लेकिन, पिछले दिनों इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.


‘नोटबंदी का मकसद पैसे जब्त करना नहीं, भारतीय अर्थव्यवस्था की नकदी से निर्भरता घटाना था.’

— अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का यह बयान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा नोटबंदी के बाद 99 फीसदी अमान्य नोटों की बैंकिंग सिस्टम में वापस आने की जानकारी देने पर आया. उन्होंने कहा, ‘नोटबंदी का उद्देश्य नकदी घटाना, डिजिटल लेन-देन बढ़ाना, कर का आधार बढ़ाना और काले धन से लड़ना था.’ नोटबंदी को असफल बताने के कांग्रेस के आरोप पर जेटली की प्रतिक्रिया थी, ‘लोग यह समझने में सक्षम नहीं है कि पैसों की सिस्टम में वापसी के साथ नोटबंदी कालेधन की समस्या से कैसे खत्म होती है.’ वित्त मंत्री के मुताबिक अब सरकार चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कदम उठाने जा रही है.


‘हमें उम्मीद है कि भारत डोकलाम से सबक सीखेगा और भविष्य में इसे दोहराने से बचेगा.’

— वांग यी, चीन के विदेश मंत्री

चीनी विदेश मंत्री वांग यी का यह बयान भूटान के डोकलाम से भारत और चीन की सेनाओं के पीछे हटने पर आया. उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि दोनों पक्षों के प्रयासों के जरिए हम (द्विपक्षीय रिश्तों में) स्वस्थ और ठोस विकास कर पाएंगे.’ अगले हफ्ते प्रस्तावित ब्रिक्स सम्मेलन से पहले वांग यी ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों का ठीक होना न केवल भारत और चीन के हित में है, बल्कि यह वैश्विक आकांक्षाओं को भी पूरा करता है. चीनी विदेश मंत्री के मुताबिक भारत और चीन दोनों बड़े देश हैं, मतभेद होना भी स्वाभाविक बात है, लेकिन इसमें सबसे जरूरी है कि इसे सही मंचों पर उठाया जाए और इसका समाधान किया जाए.