उपनगरीय ट्रेनों के टिकट की कीमत मांग और उपलब्धता के आधार पर तय करने पर विचार किया जा रहा है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार रेलवे की एक समिति उपनगरीय और छोटी दूरी की ट्रेनों के लिए पूरे देश में लागू एक जैसी किराया व्यवस्था को बदलने पर विचार कर रही है. इस समिति का गठन न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन अभियान के तहत रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने किया था.

रिपोर्ट के मुताबिक यह समिति प्रत्येक उपनगरीय रेल तंत्र के लिए अलग-अलग किराए की व्यवस्था को लागू करने की सिफारिश कर सकती है. इसमें ट्रेन के टिकटों की कीमत को मांग और दूसरे प्रतिस्पर्धी साधनों के किराए से तुलना करते हुए तय किया जाएगा. इसमें ज्यादा मांग और कम मांग वाले समय के अधार पर अलग-अलग किराया व्यवस्था अपनाने के लिए भी कहा जाएगा. समिति द्वारा अगले महीने रेल मंत्री सुरेश प्रभु को रिपोर्ट सौंपे जाने की उम्मीद है.

रिपोर्ट के मुताबिक यह समिति जनरल मैनेजरों और डिवीजनल मैनजरों को किराया तय करने संबंधी शक्तियों के हस्तांतरण पर भी विचार कर रही है. इसका मकसद अलग-अलग जोन और डिवीजन में लचीली किराया व्यवस्था लाकर यात्रियों को आकर्षित करना है. नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे को लचीली किराया व्यवस्था लाने की जरूरत है, ताकि यात्रियों को दूसरे विकल्पों की जगह रेलवे की यात्रा करने के लिए आकर्षित किया जा सके.