ब्रिक्स सम्मेलन भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद के असर को कम करने में सफल होता दिखाई दे रहा है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक शियामेन में ब्रिक्स सम्मेलन से इतर मुलाकात के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि चीन, भारत के साथ संबंधों को सही दिशा में रखना चाहता है. उनका यह भी कहना था कि स्वस्थ और स्थिर संबंध ही दोनों देशों के हित में है. ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं.

चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक शी जिनपिंग ने भारत और चीन को एक-दूसरे के लिए खतरा समझने के बजाए विकास के अवसर के तौर पर देखने की अपील की. शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का समर्थन करते हुए चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि चीन और भारत के बीच सकारात्मक साझेदारी ही सही चुनाव है. शी जिनपिंग ने सीमाई इलाकों में शांति कायम करने के लिए संयुक्त उपायों को अपनाने पर जोर दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की डोकलाम विवाद के बाद यह पहली मुलाकात है. लगभग ढाई महीने तक चला आ रहा डोकलाम विवाद ब्रिक्स सम्मेलन से एक हफ्ते पहले ही सुलझा है. बीते हफ्ते दोनों देशों ने आपसी सहमति से यहां से अपने सैनिकों को पीछे हटा लिया था. जून में भूटान के डोकलाम को अपना क्षेत्र बताते हुए चीन ने यहां पर सड़क बनाना शुरू कर दिया था. लेकिन, भारतीय सैनिकों ने इसे यथास्थिति में बदलाव और भारत की सुरक्षा के लिए जोखिम बताकर रोक दिया था. इसके बाद चीन की सरकार और मीडिया की ओर से तीखी बयानबाजी सामने आई थी.