उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ भी अब मेट्रो ट्रेन वाले शहरों में शुमार हो गई है. मंगलवार को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ, राज्यपाल राम नाइक और अन्य लोगों की मौजूदगी में लखनऊ मेट्रो के पहले चरण का उद्घाटन किया गया. लखनऊ मेट्रो को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस शहर में मेट्रो दौड़ने लगती है, वहां विकास के दरवाजे अपने आप खुल जाते हैं.

इस मौके पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने प्रदेश के दूसरे शहरों में भी मेट्रो शुरू करने का वादा किया. उन्होंने इसके लिए अलग-अलग कॉर्पोरेशन बनाने के बजाय उत्तर प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन बनाने की घोषणा की. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने मेट्रोमैन ई श्रीधरन से प्रस्तावित कॉर्पोरेशन का प्रमुख सलाहकार बनने का अनुरोध भी किया है. इसके तहत प्रदेश के वाराणसी, कानपुर, आगरा, मुरादाबाद, इलाहाबाद, मेरठ, गोरखपुर और झांसी जैसे शहरों में मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना है.

लखनऊ मेट्रो का पहला चरण महज तीन साल में पूरा हुआ है. 8.5 किमी लंबे इस खंड में ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग के बीच कुल आठ स्टेशन हैं. इसे बुधवार को आम जनता के सफर के लिए खोल दिया जाएगा. इसका न्यूनतम किराया 10 रुपये और अधिकतम किराया 30 रुपये रखा गया है.

लखनऊ मेट्रो के इस खंड पर परीक्षण ट्रेनों का संचालन पिछले साल दिसंबर में शुरू किया गया था. उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव ने हरी झंडी दिखाकर इसका उद्घाटन किया था. सोमवार को ये तस्वीरें साझा करते हुए अखिलेश यादव ने ट्विटर पर लिखा, ‘इंजन तो पहले ही चल दिया था, डिब्बे तो पीछे आने ही थे.’ वहीं आज के उद्घाटन कार्यक्रम में अखिलेश यादव को न बुलाने पर लोगों ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं. ट्विटर पर कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने लिखा है, ‘आज लखनऊ मेट्रो का उद्घाटन है, कम से कम अखिलेश यादव को कार्यक्रम में बुला लेते, जिसने सचमुच इसे बनाया है.’