अपने हालिया परमाणु परीक्षण से पूरी दुनिया को हिलाने वाले उत्तर कोरिया ने दबावों और प्रतिबंधों के सामने झुकने से इनकार कर दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उत्तर कोरिया के राजदूत हान तेई सांग ने कहा, ‘मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि उत्तर कोरिया ने दो दिन पहले ही रणनीतिक परमाणु ताकत हासिल करने की योजना के तहत हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया है. यह परीक्षण अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के लिए था.’ उन्होंने आगे कहा कि कोई भी दबाव और प्रतिबंध उत्तर कोरिया पर काम नहीं करेंगे. उनका यह भी कहना था कि उत्तर कोरिया किसी भी सूरत में अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता से समझौता नहीं करेगा.

हान तेई सांग ने उत्तर कोरिया के आत्मरक्षा के उपायों को अमेरिका के लिए ‘उपहार’ बताया है. रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने आगे कहा, ‘अगर अमेरिका उत्तर कोरिया के खिलाफ उकसावे और दबाव बनाने की व्यर्थ कोशिशें करता रहेगा तो उसे और ज्यादा तोहफे मिलेंगे.’ हालांकि, उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि उत्तर कोरिया भविष्य में आक्रामक रवैया दिखाते हुए और क्या कर सकता है. हान तेई सांग का यह भी कहना था कि अमेरिका की दशकों पुरानी शत्रुतापूर्ण नीति और परमाणु खतरे को देखते हुए उत्तर कोरिया की सैन्य तैयारियां आत्मरक्षा के अधिकार के तहत पूरी तरह से उचित हैं.

उधर, इसी सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमेरिका के निशस्त्रीकरण राजदूत रॉबर्ट वुड ने उत्तर कोरिया के हालिया परमाणु परीक्षण को पूरी दुनिया की अवहेलना बताया. उन्होंने कहा, ‘हम सुरक्षा परिषद के अपने साझेदारों के साथ नए प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं ताकि उत्तर कोरिया पर ज्यादा सख्त प्रतिबंध लगाए जा सकें.’ रॉबर्ड वुड ने कहा, ‘उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम का उन्नत होना सभी के लिए खतरा है...अब परीक्षण, धमकियों और अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त न करने का वक्त आ गया है.’