राहुल गांधी शिक्षक दिवस पर दून स्कूल में अपने शिक्षकों से मिलने पहुंचे और उनसे कहा, ‘आज मैं जो कुछ भी हूं, बस आप सब की बदौलत हूं.
... राहुल के ऐसा कहते ही माहौल में सन्नाटा छा गया... तभी प्रिंसिपल उठे और भावुक होकर उन्होंने कहा – ‘आप हम लोगों को दोष नहीं दे सकते... हमने तो पूरी जी-जान से कोशिश की थी.’


कौन कहता है कि बीते 70 सालों में भारत की महिलाओं ने प्रगति नहीं की... आज ‘विदेश’ और ‘रक्षा’ महिलाएं देख रही हैं, तो वहीं ‘घर’ राजनाथ सिंह संभाल रहे हैं.


मरीज अपनी ऑक्सीजन खुद लेकर आएं - योगी
यात्री अपने जीवन की सुरक्षा खुद करें – प्रभु
महंगाई कम करने का उपाय मध्यम वर्ग खुद सोचे – जेटली
जनता अपने जान-माल को खुद बचाए – खट्टर
.... मेरा क्या है, मैं तो झोला उठाकर चल दूंगा – मोदी


सप्ताह का कार्टून :

स्रोत | कार्टूनिस्ट कप्तान के फेसबुक अकाउंट से
स्रोत | कार्टूनिस्ट कप्तान के फेसबुक अकाउंट से

सवाल – अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली का जल विभाग अपने पास रखने का फैसला क्यों किया ?
जवाब – ताकि लोग उन्हें चुल्लूभर पानी न भेज सकें.


निर्मला सीतारमण के रक्षा मंत्री नियुक्त होने से जुड़ी सबसे डरावनी बात यह है कि अब अरुण जेटली पूरी तरह से वित्त मंत्रालय पर ध्यान देंगे.


मोदी के गुरू आडवाणी ने शिक्षक दिवस पर प्रार्थना की है – ‘जैसा शिष्य मुझको मिला, वैसा दुश्मनों को भी ना मिले.’