केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह चार दिन के जम्मू-कश्मीर दौरे पर हैं. उनकी इस यात्रा से जुड़ी खबरों को आज के ज्यादातर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. रविवार को उन्होंने श्रीनगर में एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की सुरक्षा स्थिति की जानकारी ली. इस बैठक में राज्यपाल एनएन वोहरा, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. इसके अलावा हरियाणा के गुरुग्राम (गुड़गांव) में प्रद्युम्न हत्याकांड मामले में रायन इंटरनेशनल स्कूल के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. इस घटना के खिलाफ अभिभावकों ने स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. यह खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है.

न्यूनतम बैलेंस प्रावधान की वजह से सरकारी बैंकों की चांदी, गरीब ग्राहक परेशान

बचत खातों में न्यूनतम जरूरी रकम रखने के प्रावधान की आड़ में सरकारी बैंक गरीबों की खून-पसीने की कमाई पर डाका डाल रहे हैं. जनसत्ता की एक रिपोर्ट के मुताबिक अकेले भारतीय स्टेट बैंक ने चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान इस तरीके से अपने खाताधारकों से 235 करोड़ रुपये की कमाई की. बताया जाता है कि अन्य बैंक भी इसी राह पर हैं. इससे पहले इस साल अप्रैल में सरकारी बैंकों ने बचत खाता धारकों के लिए अपने ग्राहकों के लिए न्यूनतम रकम (दो हजार से पांच हजार) रखना अनिवार्य कर दिया था. अखबार की रिपोर्ट बताती है कि अधिकांश गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों को इसकी जानकारी नहीं हैं. इस वजह से उन्हें बतौर जुर्माना पैसे चुकाने पड़ रहे हैं.

17 राज्यों में मनरेगा कामगार तय न्यूनतम मजदूरी से वंचित

देश के 17 राज्यों में मनरेगा कामगार निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से वंचित हैं. साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर महिला कामगारों को न्यूनतम मजदूरी का औसतन 78 फीसदी हिस्सा ही मिल पाता है. ये बातें केंद्र सरकार के एक पैनल की रिपोर्ट में सामने आई है. इस खबर को द इंडियन एक्सप्रेस ने मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. अखबार ने पैनल के हवाले से कहा है कि पूरे देश में कोई भी राज्य अपने महिला मनरेगा कामगारों को तय की गई न्यूनतम खेतिहर मजदूरी नहीं दे पा रहा है. न्यूनतम वेतन कानून (1948) के तहत राज्य अपने खेतिहर मजदूरों के लिए मजदूरी तय करते हैं. दूसरी ओर, मनरेगा के लिए न्यूनतम मजदूरी तय करने की जिम्मेदारी केंद्र पर है.

विकास देखने के लिए आंकड़ों पर विश्वास न करें, देश की यात्रा करें : अमित शाह

देश की विकास दर गिरने और बेरोजगारी बढ़ने के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने लोगों से आंकड़ों पर विश्वास न करने को कहा है. द हिंदू में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक अमित शाह ने इसकी जगह देश की यात्रा कर भाजपा सरकार में हुए विकास को देखने की अपील की. इसके अलावा उन्होंने इससे भी साफ इनकार किया कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था में गिरावट आई है. अमित शाह ने विकास के लिए मोदी सरकार की कोशिशों और गुजरात मॉडल पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष खासकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया.

कालेधन का पता लगाने के लिए आयकर विभाग द्वारा सोशल मीडिया की निगरानी

आयकर विभाग कालेधन का पता लगाने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी नजर रखने वाला है. हिन्दुस्तान की एक खबर के मुताबिक विभाग अगले महीने से प्रोजेक्ट इनसाइड शुरू करने जा रहा है. इसके तहत बड़े पैमाने पर डाटा विश्लेषण किया जाएगा और सोशल साइटों पर मौजूद सूचनाओं को इससे मिलाया जाएगा. इसके बाद किसी व्यक्ति के खर्च के तरीके और घोषित आय के बीच का अंतर पता लगाया जाएगा. बताया जाता है कि बीते साल आयकर विभाग ने इस प्रोजेक्ट के लिए एलएंडटी इंफोटेक के साथ करार किया था.

आज का कार्टून

स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण की 125वीं वर्षगांठ के मौके पर द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित आज का कार्टून :