‘अगर लालू प्रसाद यादव के पास सृजन घोटाले का कोई सबूत है तो उन्हें मीडिया के बजाय हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए.’  

— नीतीश कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह बयान राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पर सृजन घोटाले को लेकर मीडिया में जबर्दस्ती हल्ला-गुल्ला करने का आरोप लगाते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘सृजन घोटाला जैसे ही मेरे संज्ञान में आया, मैंने विशेष जांच दल गठित कर दिया. और जब जांच का दायरा बढ़ने लगा तो सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी.’ सीबीआई जांच पर संदेह जताए जाने पर नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार अपना काम कर चुकी है, बाकी लोग जो कहना चाहें कहें. इससे पहले रविवार को राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को सृजन घोटाले के लिए जिम्मेदार बताया था.

‘क्या पान खाकर भारत माता पर पिचकारी मारने के बाद हमें वंदे मातरम् कहने का हक है?’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान लोगों से गंदगी न फैलाने की अपील करते हुए आया. स्वामी विवेकानंद द्वारा शिकागो में विश्व धर्म संसद को संबोधित करने की 125वीं वर्षगांठ पर उन्होंने कहा, ‘एक बार मैंने बोला था कि पहले शौचालय, फिर देवालय, तब मेरे बाल नोंच लिए गए थे. लेकिन आज कई बेटियां हैं जो कहती हैं कि शौचालय नहीं तो शादी नहीं करेंगे.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि आप लोग सफाई करें या न करें, लेकिन आपको गंदगी फैलाने का कोई हक नहीं है. 1893 में 11 सितंबर के दिन शिकागो में स्वामी विवेकानंद के संबोधन को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने पूरी दुनिया को भारत की ताकत से परिचित कराया था.


‘मैंने सीएजी की रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं की है, आप मेरे मुंह में अपने शब्द न डालें.’

— निर्मला सीतारमण, भारत की रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण का यह बयान उन खबरों को खारिज करते हुए आया, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने सेना के पास हथियारों की कमी संबंधी नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) रिपोर्ट को गलत बताया है. उन्होंने आगे कहा, ‘हथियारों की खरीद लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. कभी आपको लगता है कि इस चीज को ज्यादा मात्रा में खरीदने की जरूरत है तो कभी दूसरी कमी को पूरा करने की जरूरत लगती है.’ सोमवार को सरक्रीक की यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह देश और गुजरात की सुरक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण जगह है और वे यहां यह देखने आई हैं कि यहां की सुरक्षा के लिए और किस तरह के इंतजामों की जरूरत है.


‘कश्मीर में अमन के दरख्त अभी सूखे नहीं हैं, मैं नए पत्ते निकलते देख सकता हूं.’

— राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृहमंत्री

गृहमंत्री राजनाथ सिंह का यह बयान कश्मीर में हालात सुधरने का दावा करते हुए आया. कश्मीर दौरे के तीसरे दिन श्रीनगर में उन्होंने कहा, ‘पांच बार क्या, अगर जरूरी हुआ तो एक साल में 50 बार भी कश्मीर आने के लिए तैयार हूं.’ राजनाथ सिंह ने कश्मीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए पांच ‘सी’ का फार्मूला भी दिया. उनके मुताबिक इसमें कॉम्पैशन (सहानुभूति), कम्यूनिकेशन (संवाद), को-एक्जिस्टेंस (सहअस्तित्व), कान्फिडेंस बिल्डिंग (विश्वास बहाली) और कंसिस्टेंसी (स्थायित्व) शामिल है. अलगाववादियों से बात करने के सवाल पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह का कहना था कि वे उन सभी लोगों से बात करने के लिए तैयार हैं जो कश्मीर समस्या को सुलझाने में मदद करना चाहते हैं.


‘पाकिस्तान और वर्ल्ड एलेवन के बीच टी-20 मुकाबला महज क्रिकेट नहीं, बल्कि उससे कहीं ज्यादा है.’

— जाइल्स क्लार्क, पाकिस्तान संबंधी आईसीसी के कार्यबल के अध्यक्ष

आईसीसी की टास्क फोर्स के अध्यक्ष जाइल्स क्लार्क का यह बयान लगभग आठ साल के अंतराल के बाद पाकिस्तान में होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच से पहले आया. उन्होंने कहा, ‘यह दौरा काफी महत्वपूर्ण है. मैं खिलाड़ियों से बात करने और उन्हें पाकिस्तान में ऐतिहासिक सीरीज खेलने के लिए राजी करने के लिए एंडी फ्लावर का विशेष धन्यवाद देना चाहूंगा.’ जाइल्स क्लार्क ने आगे कहा कि सभी लोगों को इसमें शामिल देखकर खुशी हो रही है और पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट वापस लाने के लिए सुरक्षाबल काफी मशक्कत कर रहे हैं. सोमवार को कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच वर्ल्ड एलेवन टीम लाहौर पहुंची. फाफ डु प्लेसिस की कप्तानी में यह टीम पाकिस्तान के साथ तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेलेगी. इनके बीच पहला मुकाबला 12 सितंबर को होगा.