गुरुग्राम स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में एक बच्चे की हत्या के मामले में पुलिस ने स्कूल प्रशासन पर सबूत मिटाने के आरोप लगाए हैं. घटना पर सोमवार को सोहना कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान पुलिस ने कहा कि स्कूल प्रशासन ने सबूतों से छेड़छाड़ की. इस मामले में रायन ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन के दो अधिकारियों को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है जहां पुलिस उनसे पूछताछ करेगी. सात साल के प्रद्युम्न की पिछले शनिवार को स्कूल के टॉयलेट में हत्या कर दी गई थी.

गिरफ़्तार किए गए अधिकारियों के नाम फ़्रान्सिस थॉमस और जयेश थॉमस हैं. फ़्रान्सिस ग्रुप के रीजनल प्रमुख हैं, जबकि जयेश एचआर प्रमुख. इन दोनों पर जुवेनाइल जस्टिस ऐक्ट (किशोर न्याय अधिनियम) की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया गया है. यह धारा किसी व्यक्ति पर तब लगती है जब उसके संरक्षण में किसी बच्चे के ख़िलाफ़ कोई क्रूरता और अपराध का मामला सामने आए. इसमें पांच से दस साल तक की सज़ा हो सकती है.

गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार के हवाले से एनडीटीवी ने बताया है कि सबूतों से छेड़छाड़ की गई. रिपोर्ट के मुताबिक़ खिरवार ने कहा, ‘मामले में बनाए गए एसआईटी ने अदालत को बताया कि ऐसा लगता है जैसे सबूतों को नष्ट किया गया. घटनास्थल से खून के धब्बों को साफ़ करने की कोशिश की गई. उसके (प्रद्युम्न) पानी के बोतल और बैग पर लगे ख़ून के निशान मिटाने की कोशिश की गई. अन्य सबूतों से भी छेड़छाड़ की गई.’

फ़्रान्सिस थॉमस पर एक और स्टूडेड की मौत के मामले में केस दर्ज है. घटना 30 जनवरी, 2016 की है जब दक्षिणी दिल्ली के वसंत कुंज इलाक़े में स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में छह साल के देवांश मीणा का शव स्कूल की पानी की टंकी में मिला था. दिल्ली पुलिस ने फ़्रान्सिस को मामले का पहला आरोपित बनाया था क्योंकि स्कूल प्रशासन और वहां जरूरी इंतजामों की ज़िम्मेदारी उन्हीं की थी.

गुरुग्राम स्थित रायन स्कूल में सात साल के प्रद्युम्न की हत्या के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी अशोक कुमार को गिरफ़्तार कर लिया था. तीन दिन रिमांड पर रखे जाने के बाद पुलिस मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश करेगी.

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य व केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर तीन हफ़्ते में जवाब मांगा है. उधर, रायन इंटरनेशनल स्कूल के सीईओ रायन पिंटो और उनके परिजनों ने गिरफ़्तारी से बचने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट से अग्रिम ज़मानत की अपील की है. उधर, एक रिपोर्ट के मुताबिक़ मामला सामने आने के बाद स्कूल की निलंबित कार्यवाहक प्रिंसिपल नीरजा बत्रा को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. विशेष जांच दल की पूछताछ के दौरान नीरजा ने सीने में दर्द की शिकायत की थी. उनके अलावा जांच दल तीन अन्य अध्यापकों से भी पूछताछ कर रहा है. गुरुग्राम स्थित रायन ग्रुप के सभी स्कूलों को फिलहाल बंद करने का आदेश दिया गया है. इसके अलावा विरोध प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले सोहना सदर पुलिस स्टेशन के एसएसओ अरुण कुमार को निलंबित कर दिया गया है.