‘2006-07 का समय भारतीय क्रिकेट का सबसे बुरा दौर था.’

— सचिन तेंदुलकर, पूर्व भारतीय क्रिकेटर

पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का यह बयान भारतीय क्रिकेट के उतार-चढ़ावों को याद करते हुए आया. उन्होंने कहा कि यही दौर था जब भारतीय टीम 2007 के विश्व कप के सुपर-8 टीमों में जगह नहीं बना पाई थी. सचिन तेंदुलकर ने आगे कहा, ‘फिर हमने टीम में काफी बदलाव किए. और जब हमने टीम के रूप में लक्ष्य तय किए और लगन के साथ मेहनत की तो परिणाम मिलने लगे.’ उनका यह भी कहना था कि भारतीय टीम में बदलाव रातों-रात नहीं हुए थे, बल्कि टीम को परिणाम के लिए इंतजार करना पड़ा था. सचिन तेंदुलकर ने कहा कि उन्हें विश्वकप की ट्रॉफी उठाने के लिए 21 साल तक इंतजार करना पड़ा है.

‘विदेश में राहुल गांधी ने भारत का मान बढ़ाया है, वह प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) हैं, जिन्होंने बार-बार शर्मिंदा किया है.’

— आनंद शर्मा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा का यह बयान पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा कैलिफोर्निया की बर्कले यूनिवर्सिटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की आलोचना पर भाजपा के हमलों का जवाब देते हुए आया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रधानमंत्री की आलोचना पूरी तरह जायज है. आनंद शर्मा ने आगे कहा, ‘राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को कम करके पेश नहीं किया बल्कि वे प्रधानमंत्री के रूप में उनका उल्लेख भर कर रहे थे.’ आनंद शर्मा ने यह भी कहा कि कांग्रेस कुछ कहने से पहले भाजपा से पूछेगी, यह सोचना गलत है, भाजपा को ऐसे हमलों के लिए तैयार रहना चाहिए. आनंद शर्मा ने राहुल गांधी पर टिप्पणी करने के लिए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर भी निशाना साधा और उन्हें अपने मंत्रालय के कामकाज पर ध्यान देने की नसीहत दी.


‘संघ ट्रोलिंग या इंटरनेट पर आक्रामक व्यवहार का समर्थन नहीं करता.’

— मोहन भागवत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख

आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत का यह बयान सोशल मीडिया या इंटरनेट पर लोगों को निशाना बनाने (ट्रोलिंग) की घटनाओं को गरिमा के खिलाफ बताते हुए आया. संघ द्वारा भाजपा को नियंत्रित करने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘संघ न तो भाजपा को चलाता है और न भाजपा संघ को. स्वयंसेवक होने के नाते हम आपस में राय-मशविरा करते हैं, लेकिन कामकाज में एक-दूसरे से स्वतंत्र हैं.’ संघ के लक्ष्य को लेकर मोहन भागवत का कहना था कि आरएसएस भेदभाव में भरोसा नहीं करता और बगैर किसी भेदभाव के भारत और पूरी दुनिया की एकता उसका लक्ष्य है.


‘राहुल गांधी ने कहा कि भारत को वंश चलाता है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति तो किसी वंश से नहीं आते.’  

— स्मृति ईरानी, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का यह बयान कैलिफोर्निया की बर्कले यूनिवर्सिटी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा वंशवाद को भारत की हकीकत बताने पर आया. राहुल गांधी ने कहा था कि देश के कई क्षेत्रों में पारिवारिक विरासत से आने वाले लोग मौजूद हैं, इसलिए केवल उन पर निशाना नहीं साधा जाना चाहिए. इस पर स्मृति ईरानी ने कहा, ‘एक विफल विरासत ने आज अपनी विफल राजनीतिक यात्रा के बारे में बताने के लिए अमेरिका को चुना है.’ राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना किए जाने पर उन्होंने कहा कि इसमें आश्चर्य करने जैसी कोई बात नहीं है. स्मृति ईरानी के मुताबिक राहुल गांधी को देश में कोई समर्थन नहीं मिल रहा, इसलिए विदेश जाकर अपनी पीड़ा बता रहे हैं.


‘अगर चीन ने उत्तर कोरिया पर लगे प्रतिबंधों की परवाह नहीं की तो अमेरिका चीन पर प्रतिबंधों को बढ़ा देगा.’

— स्टीवन नकिन, अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी (वित्त मंत्री)

स्टीवन नकिन का यह बयान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा उत्तर कोरिया पर लगाए गए नए प्रतिबंधों को चीन द्वारा न मानने के सवाल पर आया. उन्होंने कहा, ‘अगर चीन ने इन प्रतिबंधों को नहीं माना तो हम उस पर अमेरिका के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय डॉलर व्यवस्था के इस्तेमाल पर रोक लगा देंगे.’ उत्तर कोरिया की समस्या से निपटने के मामले में अमेरिका काफी समय से चीन से सहयोग की कमी की शिकायत कर रहा है. जून में खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के मामले में चीन की मदद को बेअसर बताया था.