कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने माना है कि यूपीए-2 के कार्यकाल में 2012 के दौरान उनकी पार्टी में ‘थोड़ा अहंकार’ आ गया था. उनके मुताबिक इसके चलते कांग्रेस में संवाद की संस्कृति खत्म हो गई थी. राहुल गांधी इन दिनों दो हफ्ते की अमेरिका यात्रा पर हैं और उन्होंने यह बयान कैलिफ़ोर्निया की बर्कले यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ बातचीत के दौरान दिया. सोशल मीडिया में उनके इस बयान की काफी चर्चा है. फेसबुक पर अनुराग मुस्कान ने तंज किया है, ‘कोयला, टूजी, टेट्रा ट्रक, सीडब्लूजी, आदर्श आदि घोटालों पर तो शर्म आनी चाहिए थी, लेकिन राहुल गांधी का कहना है कि 2012 तक कांग्रेस में घमंड आ गया था.’

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने अपने इस संवाद कार्यक्रम में केंद्र सरकार पर भी जमकर निशाना साधा है और कहा है कि विभाजन और ध्रुवीकरण की राजनीति भारत के लोगों को अलग-थलग कर रही है. नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए उनका कहना था प्रधानमंत्री ने संसद को किनारे कर दिया है और सब फैसले खुद करते हैं, हालांकि इसके साथ ही राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए यह भी कहा कि मोदी उनसे अच्छे वक्ता हैं. सोशल मीडिया पर कांग्रेस उपाध्यक्ष के इन बयानों को अलग से शेयर करते हुए कई टिप्पणियां आई हैं. भाजपा की आलोचना पर पार्टी समर्थकों ने यहां राहुल के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं.

प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर राहुल का कहना था कि अगर पार्टी चाहेगी तो 2019 में वे इसके लिए तैयार हैं. इस बयान पर भी सोशल मीडिया में खूब चुटकियां ली गई हैं. ट्विटर पर नितेश सिंह का कहना है, ‘प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल गांधी को वोट देना ब्लू व्हेल गेम के भारतीय संस्करण का आखिरी टास्क होगा.’ ऋषी बाग्री का ट्वीट है, ‘1919 में मोती लाल नेहरू कांग्रेस अध्यक्ष बने थे और यह नेहरू-गांधी वंश की शुरुआत का संकेत था. राहुल गांधी 2019 में इसके खात्मे का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं.’

इसी कार्यक्रम में वंशवाद का बचाव करते हुए राहुल गांधी ने कहा है कि पूरा देश ही इस तरह चल रहा है. उन्होंने इसके लिए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, डीएमके नेता स्टालिन से लेकर अभिनेता अभिषेक बच्चन तक के नाम गिनाए. सोशल मीडिया में इस मुद्दे पर भी कांग्रेस उपाध्यक्ष की भारी आलोचना हुई है. ट्विटर हैंडल ‏ @budbak_jetha पर तंजभरी टिप्पणी है, ‘वैसे राहुल गांधी पर वंशवाद से ज़्यादा वंशबर्बाद करने का इल्ज़ाम ज़्यादा फिट बैठता है’

राहुल गांधी के इन बयानों पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

महेश हिरंभा |‏ @MahiHerambha

2019 में प्रधानमंत्री बनने का दिवा-स्वप्न देखने से पहले राहुल जी को कांग्रेस अध्यक्ष बनना चाहिए. वे इस जिम्मेदारी से भाग क्यों रहे हैं?

अभिषेक कुलश्रेष्ठ | @iAbhishekkBJP

राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से यह घोषणा कर दी है कि सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अहंकारी हो गई थी.

इंडियन हिस्टरी पिक्स |‏ @IndiaHistorypic

1960 का दशक : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर रे राहुल गांधी को ‘नमस्ते’ करते हुए.

शकुनि मामा | @ShakuniUncle

कांग्रेस में 2012 में अहंकार आ गया था, लेकिन यह समझने की अकल 2014 के तीन साल बाद आई है.

कीर्तीश भट्ट | @Kirtishbhat

जितना भाव बीजेपी राहुल गांधी को दे रही है, सुबह तक कांग्रेस को फिर ‘घमंड’ हो जाएगा.

अक्षय कुमार | @akshaykumaa

राहुल गांधी ने अमेरिका में कहा कि हिंदुस्तान में वंशवाद ही चल सकता है... अब कांग्रेसियों को समझ लेना चाहिए कि उनका कुछ नहीं हो सकता.

स्पार्कल सीकर | @Modifiedwave

राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद संभालने के लिए तैयार हैं, यह अलग बात है कि देश तैयार नहीं है.