डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के अपराधों में शामिल लोग कानूनी कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक गुरमीत राम रहीम ने महिला सहायकों का ऐसा समूह भी बना रखा था जो उसके यौन सुख के लिए मासूम लड़कियों को उसके पास जाने के लिए मजबूर करता था. रिपोर्ट के मुताबिक ये महिला सहायक गुरमीत राम रहीम के लिए हर रात एक नई लड़की उपलब्ध कराती थीं.

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गुरमीत राम रहीम न केवल लड़कियों का यौन शोषण करता था, बल्कि अपने नजदीक की कुछ वरिष्ठ महिलाओं से भी शारीरिक संबंध बनाता था. बाद में यही महिलाएं उसकी विश्वासपात्र महिला सहायकों में शामिल हो जाती थीं और उसके लिए दूसरी महिलाओं को लाने का काम करने लगती थीं. आरोप तो यह भी है कि कुछ नेता और अधिकारी भी नियमित रूप से डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय आते थे जिन्हें शराब, महिला और पैसों से खुश किया जाता था.

रिपोर्ट के मुताबिक दो बार बलात्कार की शिकार एक महिला ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को बताया था कि राम रहीम की गुफा के बाहर संतरी के रूप में तैनाती के दौरान उसने कई महिलाओं को आंखों में आंसू लिए गुफा से बाहर निकलते देखा है. डेरा में गुरमीत के आवास को ‘गुफा’ कहा जाता था. महिला ने अपने बयान में आठ पीड़ित महिलाओं के नाम भी गिनाए थे. रिपोर्ट के मुताबिक गुरमीत राम रहीम के लिए लड़कियां जुटाने वाली महिलाओं का काम इससे इनकार करने वाली या अपना मुंह खोलने वाली महिलाओं को प्रताड़ित करना भी था. सामूहिक नसबंदी मामले में सीबीआई के गवाह गुरदास सिंह तूर ने बताया कि इसके लिए डेरा में ‘मन सुधार कमरा’ नाम से एक यातना गृह चलाया जाता था, जहां इन महिलाओं को 24 घंटे तक भूखा रखा जाता था.

गुरमीम राम रहीम को बलात्कार मामले में 20 साल की सजा मिलने के बाद अब उसके अपराध में शामिल इन महिलाओं पर कार्रवाई न होने का सवाल उठ रहा है. इस बारे में गुरदास सिंह तूर का कहना है कि वह कम से कम ऐसी आठ महिलाओं को जानता है और उनकी पहचान कर सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक गुरदास सिंह तूर ने यह भी कहा, ‘ज्यादातर साध्वियों ने अब डेरा छोड़ दिया है, लेकिन राम रहीम के लिए लड़कियां लाने वाली तीन विषकन्याएं अभी भी आश्रम में मौजूद हैं. इनमें से एक महिला का नाम सीबीआई की चार्जशीट में भी है, फिर भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.’ उनके मुताबिक गुरमीत राम रहीम के यौन शोषण से गर्भवती होने वाली लड़कियों का गर्भपात कराने वाली महिला अभी भी डेरा मुख्यालय में मौजूद है.