दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को बड़ा झटका लगा है. उसे छात्र संघ का अध्यक्ष पद खोना पड़ा है. इस पद पर एबीवीपी का चार साल से कब्जा था. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने जबरदस्त वापसी की है. एनएसयूआई के रॉकी तुसीद ने 16,299 वोटों के साथ अध्यक्ष, जबकि कुणाल सेहरावत ने 16,431 वोटों के साथ उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है. वहीं, एबीवीपी की महामेधा ने 17,156 वोटों के साथ सेक्रेटरी और उमा शंकर ने 16,691 वोटों के साथ ज्वाइंट सेक्रेटरी का पद जीता है.

एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रजत चौधरी को 14,709 और उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार पार्थ को 16,256 वोट मिले. वहीं, एनएसयूआई के सेक्रेटरी पद की उम्मीदवार मीनाक्षी को 14,532 और ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के उम्मीदवार को अविनाश को 16,349 वोट मिले. छात्रसंघ चुनाव के लिए बुधवार को मतदान हुआ था.

एनएसयूआई ने पहले छात्र संघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सेक्रेटरी पदों पर जीत दर्ज की थी. लेकिन, एबीवीपी की मांग पर दोबारा मतगणना में उसे सेक्रेटरी के पद पर हार का सामना करना पड़ा. एनएसयूआई ने इस जीत को दिल्ली छात्र संघ में अपनी वापसी बताया है. एनएसयूआई ने ट्विटर पर लिखा, ‘दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने हम पर भरोसा जताया है और अपने अधिकारों के लिए लड़ने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है.’ एनएसयूआई ने इसे कांग्रेस और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर छात्र समुदाय के भरोसे का प्रतीक भी बताया है. उधर, कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने शानदार जीत बताकर इसका स्वागत किया है. ट्विटर पर उन्होंने लिखा कि यह एबीवीपी के लिए बड़ा झटका है, छात्रों ने राष्ट्रवाद के नाम पर गुंडागर्दी को खारिज कर दिया है.