पेट्रोल और डीज़ल के दामों में बुधवार को आई गिरावट के बावजूद ये तीन साल के सबसे ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं. बुधवार को दिल्ली में पेट्रोल का दाम 70.35 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 79.46, कोलकाता में 73.09, चेन्नई में 72.92 और बेंगलुरु में 71.45 रुपये प्रति लीटर रहा. दिल्ली में तीन साल पहले 15 अगस्त, 2014 को पेट्रोल का दाम 70 रुपये के पार गया था. तब यह 70.33 रुपये प्रति लीटर हो गया था. वहीं मुंबई में तीन साल में पहली बार पेट्रोल का दाम 79 रुपये से ज़्यादा हुआ है.

पेट्रोल के अलावा डीज़ल के दामों में भी वृद्धि जारी है. बुधवार को दिल्ली में डीज़ल 58.7 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 62.35, कोलकाता में 61. 35, चेन्नई में 61.82 और बेंगलुरु में 58.8 रुपये प्रति लीटर रहा. बिज़नस स्टैंडर्ड के मुताबिक़ मंगलवार को चार बड़े शहरों के पेट्रोल के दामों में सात से आठ पैसे की बढ़ोतरी हुई, जबकि डीज़ल में 10 से 11 पैसे का इज़ाफ़ा हुआ है. इस तरह 2014 के बाद से तेल के दाम उच्चतम स्तर पर पहुंच चुके हैं. यानी नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में पहली बार तेल के दाम इस ऊंचाई पर हैं.

केंद्र सरकार ने 16 जून से पूरे देश में तेल के दामों में रोजाना बदलाव की नीति लागू की है. इसके चलते शुरुआती दो हफ़्तों में थोड़ी गिरावट देखने को मिली थी लेकिन इसके बाद दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. हालांकि इस पर हाल ही में तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि पेट्रोल के दामों में बदलाव होते रहेंगे. इसके साथ ही उनका कहना था, ‘यह ग्राहकों के हित में है. मुझे नहीं लगता कि इस नीति में बदलाव की ज़रूरत है.’

दिल्ली में दो महीनों में पेट्रोल के दाम सात रुपये तक बढ़ गए हैं. एक जुलाई को यहां पेट्रोल 63.35 रुपये के आसपास था. वहीं मुंबई में इसमें पांच रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई है. एक जुलाई को यह 74.06 रुपये के आसपास था, लेकिन अब यह क़रीब 80 रुपये हो गया है. कोलकाता और चेन्नई में भी सात रुपये से ज़्यादा की वृद्धि हुई है. इंडियाडॉटकॉम के मुताबिक़ अमेरिका में इर्मा तूफ़ान के चलते भी तेल के दामों वृद्धि देखने को मिली है जिसका असर भारत में भी दिख रहा है.