जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के पूर्व अध्यक्ष और अब पार्टी के बाग़ी दल के नेता शरद यादव ने ख़ुद को असली जेडीयू बताया है. न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस को दिए बयान में उन्होंने कहा, ‘हम असली जेडीयू हैं और आनेवाले दिनों में हम इसे साबित कर देंगे.’ शरद यादव ने दावा किया कि जिस तरह वे पार्टी का विस्तार करने जा रहे हैं उससे लोग हैरान रह जाएंगे.

शरद यादव ने यह भी कहा कि पार्टी के भविष्य को लेकर क्या करना है, इस पर वे आठ अक्टूबर को होनेवाले पार्टी सम्मेलन में विचार करेंगे. चुनाव आयोग द्वारा पार्टी के चुनाव चिह्न पर उनके दावे को खारिज किए जाने पर उन्होंने कहा कि उनकी अपील खारिज नहीं हुई है और इस मुद्दे पर उनके वकील प्रतिक्रिया देंगे. इससे पहले बुधवार को शरद यादव बिहार की जेडीयू-बीजेपी गठबंधन सरकार पर जमकर बरसे और इसे ‘अनैतिक’ बताया. न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘क्या आपने कभी दो विपरीत घोषणापत्रों वाली पार्टियों को एकसाथ आते देखा है. यह अनैतिक है.’

मंगलवार को चुनाव आयोग ने जेडीयू के चुनाव चिह्न पर शरद यादव के दावे को सबूतों की कमी के आधार पर खारिज कर दिया था. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ इस संबंध में चुनाव आयोग ने पत्र जारी कर कहा कि पार्टी कार्यालय की तरफ़ से कोई भी सबूत या हलफ़नामा शरद यादव के समूह की अपील का समर्थन नहीं करता. आयोग ने आगे कहा कि शरद यादव वाले दल की तरफ़ से जावेद रज़ा द्वारा दायर किए गए आवेदन में उनके हस्ताक्षर नहीं थे, इसलिए आयोग ने उपरोक्त आवेदन पर कोई संज्ञान नहीं लिया है. ख़ुद को ‘असली जेडीयू’ और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जेडीयू को ‘सरकारी जेडीयू’ बतानेवाले शरद यादव कैंप के लिए आयोग का यह क़दम एक झटके की तरह माना जा रहा है.

नीतीश कुमार के राष्ट्रीय जनता दल से गठबंधन तोड़ने के बाद बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने के बाद जेडीयू में दरार आ गई थी. पार्टी की तरफ़ से राज्यसभा सीट छीने जाने की चेतावनियों के बावजूद शरद यादव बीजेपी-विरोधी बयान देते रहे और विरोधी राजद की रैलियों में हिस्सा लेते रहे. बीते 17 अगस्त को दिल्ली और 30 अगस्त को इंदौर में आयोजित इन रैलियों में विपक्ष की 14 पार्टियों ने हिस्सा लिया था.