‘महागठबंधन के लिए लालू प्रसाद यादव नहीं, नीतीश बार-बार उनके पास गए थे.’

— शरद यादव, जदयू के राज्यसभा सांसद

जदयू सांसद शरद यादव का यह बयान बिहार में नीतीश कुमार की पहल पर महागठबंधन बनने की जानकारी देते हुए आया. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव तो लोगों के दबाव में इसमें शामिल हुए थे. शरद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ने जब महागठबंधन किया था, तब भी लालू प्रसाद यादव पर भ्रष्टाचार के कई आरोप थे, इसलिए शुचिता के नाम पर अचानक गठबंधन तोड़ देना जनता के साथ धोखा है. अपनी राज्यसभा सदस्यता जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि चोट लगने की सोचकर ही पहाड़ से लड़ने उतरे हैं. शरद यादव ने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई राज्यसभा सदस्यता नहीं, बल्कि साझी विरासत बचाने की है.

‘मुगल हमारे पूर्वज नहीं, बल्कि लुटेरे थे, उन्होंने देश को केवल लूटा था.’

— दिनेश शर्मा, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री

उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का यह बयान भारतीय इतिहास में मुगलों के योगदान के सवाल पर आया. लखनऊ में उन्होंने कहा कि बाबर और औरंगजेब लुटेरे थे और उन्होंने भारतीयों पर अत्याचार किया था. दिनेश शर्मा ने आगे कहा, ‘हमें आक्रमणकारियों की नहीं, बल्कि राम, कृष्ण, गुरुनानक, महावीर और गौतम बुद्ध की विरासत लेकर चलना चाहिए.’ इतिहास का नया पाठ्यक्रम तैयार करने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास को दोबारा लिखने के लिए इतिहासकारों की एक समिति बनाई जाएगी, क्योंकि पहले की किताबों में भारत की महान हस्तियों को गलत ढंग से पेश किया गया है. उपमुख्यमंत्री के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है, लेकिन पाकिस्तानी और तालिबानी संस्कृति बर्दाश्त नहीं करेगी.


‘भारतीय विदेश मंत्रालय काम पूरा होने तक बगैर किसी हो-हल्ले के काम करता है.’

— वीके सिंह, भारतीय विदेश राज्यमंत्री

केंद्रीय मंत्री वीके सिंह का यह बयान इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के चुंगल से केरल के कैथोलिक पादरी टॉम उझुन्नालिल की सुरक्षित रिहाई के बाद आया. इसके लिए फिरौती देने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘कोई फिरौती नहीं दी गई है. वहीं इस काम में ओमान को इसलिए शामिल किया गया क्योंकि सीधे प्रयासों से कुछ हासिल नहीं हो पा रहा था.’ वहीं टॉम उझुन्नालिल के भारत लौटने के सवाल पर विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने कहा कि वे भारत आएं या वेटिकन सिटी में रहें, यह उनका अपना फैसला होगा.


‘दुनियाभर में बढ़ती आबादी टिकाऊ विकास के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है.’

— मुख्तार अब्बास नकवी, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का यह बयान जनसंख्या बढ़ोतरी की रफ्तार घटाने के लिए जागरूकता बढ़ाने की अपील करते हुए आया. संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘जनसंख्या बढ़ोतरी विकास के अलावा रोजगार और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा कर रहा है.’ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार इसके लिए प्राथमिकता के आधार पर काम कर रही है और पर्याप्त बजट आवंटित किया गया है. केंद्रीय मंत्री का यह भी कहना था कि मोदी सरकार ने सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सुधारों के लिए कई कदम उठाए हैं.


‘अनुच्छेद-21 की नई व्याख्या के बाद आधार संबंधी कानून को मजबूत करने की जरूरत है.’

— राजीव कुमार, नीति आयोग के उपाध्यक्ष

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार का यह बयान सुप्रीम कोर्ट द्वारा निजता के अधिकार को मूल अधिकार घोषित करने से आधार संबंधी कानून पर पड़े असर को लेकर आया. उन्होंने कहा कि असल मुद्दा बायोमेट्रिक पहचान संख्या (आधार) की सूचनाओं के इस्तेमाल और सुरक्षा से जुड़ा अविश्वास है. राजीव कुमार ने आगे कहा, ‘सरकार में हमें इसी अविश्वास को खत्म करने के लिए काम करना चाहिए.’ देश में वित्तीय एकीकरण के सवाल पर उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति हमारे सामने है, अब लोगों को तय करना है कि वे इसका किस तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं.


‘तुर्की अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है और आगे भी उठाता रहेगा.’

— रज्जब तैयप एर्दोऑन, तुर्की के राष्ट्रपति

तुर्की के राष्ट्रपति रज्जब तैयप एर्दोऑन का यह बयान रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने पर पश्चिमी देशों की आपत्तियों को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘वे उतावले हो गए हैं, क्योंकि हमने एस-400 समझौता किया है. हमें क्या करना चाहिए था, क्या हम आपकी मंजूरी का इंतजार करते?’ तुर्की नाटो का सदस्य देश है, इसलिए रूस से मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने पर नाटो के अन्य सहयोगियों ने ऐतराज जताया है. हालांकि, तुर्की इससे पहले कह चुका है कि नाटो के सहयोगी देशों ने आर्थिक रूप से कारगर मिसाइल रक्षा प्रणाली उपलब्ध नहीं कराई, इसलिए उसे यह कदम उठाना पड़ा.