बीते अप्रैल में गोरक्षा के नाम पर राजस्थान के अलवर में पहलू खान नाम के डेयरी कारोबारी की कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी. उस वक़्त इस मामले ने पूरे देश में गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा को लेकर छिड़ी बहस को और हवा दे दी थी. तब चौतरफा दबाव के बाद राजस्थान पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. पहलू की हत्या के लिए छह लोगों को आरोपित भी बनाया गया. लेकिन अब जैसी कि हिंदुस्तान टाइम्स ने ख़बर दी है, इन सबको क्लीन चिट दी जा रही है.

अख़बार के मुताबिक इस मामले में ओम यादव (45), हुकुम चंद यादव (44), सुधीर यादव (45), जगमाल यादव (73), नवीन शर्मा (48) और राहुल सैनी (24) आरोपित बनाए गए थे. बताया जाता है कि इनमें से तीन लोग एक बड़े हिंदू संगठन से जुड़े हुए हैं. बहरहाल अब अख़बार के पास उपलब्ध जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों की मानें तो घटना के वक़्त सभी आरोपित जगमाल यादव की राठ गोशाला में थे. यह गोशाला मौका-ए-वारदात (जहां पहलू की हत्या हुई) से क़रीब चार किलोमीटर दूर है. कहा जा रहा है कि राठ गोशाला के स्टाफ की ओर से पुलिस को दिए बयानों से यह बात साबित हुई है. इनके कॉल रिकॉर्ड और मोबाइल की लोकेशन से भी इन बयानों की पुष्टि होती है.

जांच अधिकारी ने इन निष्कर्षों के आधार पर सभी आरोपितों को आरोपमुक्त करने की सिफारिश की है. गौर करने की बात यह भी है कि जांच रिपोर्ट में नौ अन्य को आरोपित बनाया गया है कि इनमें दो नााबालिग हैं. अख़बार से बातचीत में अलवर के पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों की पुष्टि करते हैं. वे यह भी कहते हैं कि छहों आरोपितों का पहलू खान की हत्या से कोई लेना-देना नहीं था.

पहलू खान जयपुर के बाज़ार से गाएं खरीदकर उन्हें हरियाणा के नूह में स्थित अपने घर ले जा रहे थे. अपने डेयरी कारोबार के लिए उनके पास इन जानवरों को ले जाने का ज़रूरी परमिट भी था. इसके बावज़ूद रास्ते में उन्हें कथित गोरक्षकों के एक समूह ने अलवर में रोक लिया. उन पर आरोप लगाया गया कि वे गाएं क़त्ल करने के लिए ले जा रहे हैं. फिर उन्हें बुरी तरह पीटा गया. इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.