मलेशिया के एक धार्मिक स्कूल में आग लगने से 25 लोगों के मारे जाने की ख़बर है. इनमें करीब 23 बच्चे शामिल हैं. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़ घटना गुरुवार सुबह सामने आई जब राजधानी क्वालालंपुर स्थित तहफ़ीज़ दारुल क़ुरान इत्तिफ़ाक़िया नाम की दो मंज़िला इमारत में आग लग गई. जानकारी मिलने पर दमकलकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और एक घंटे में आग बुझा दी. लेकिन तब तक काफ़ी नुक़सान हो चुका था.

मलेशियाई दमकल विभाग के निदेशक ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से बातचीत में 25 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि मरने वालों में दो स्कूल संचालक भी हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरे ख़्याल से यह देश में बीते 20 साल में आग लगने की सबसे बुरी घटनाओं में से एक है.’ मलेशिया के संघीय प्रदेशों के उपमंत्री लोगा बाला मोहन ने घटना पर अफ़सोस जताया है. उन्होंने अधिकारियों को तुरंत जांच कर घटना के कारणों का पता लगाने का आदेश दिया है. बीबीसी ने घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों केे हवाले से बताया कि आग तड़के उस वक़्त लगी जब बच्चे सो रहे थे. घटना में बचे कई बच्चों को नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया है. कुछ बच्चों ने धुएं से दम घुटने की शिकायत की है.

एक अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़ दमकल विभाग ने निजी धार्मिक और बिना पंजीकरण वालों स्कूलों में आग से बचाव के सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल खड़े किए हैं. इन स्कूलों को यहां ‘तहफ़ीज़’ कहा जाता है. मलेशिया में 519 तहफ़ीज़ स्कूल हैं. इनमें से कई बिना पंजीकरण के चल रहे हैं. अख़बार के मुताबिक़ अगस्त में भी उत्तरी राज्य केदा में एक परिवार द्वारा संचालित तहफ़ीज़ में सुबह-सुबह आग लग गई थी. उस घटना में 16 लोग मारे गए थे. पिछले साल अक्टूबर में दक्षिणी राज्य जोहोर में एक बड़े अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से छह लोगों की मौत हो गई थी.