देश के आधारभूत ढांचा विकास के इतिहास में गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा. वह भी एक नहीं बल्कि दो कारणों से. पहला ताे ये गुजरात के अहमदाबाद में देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की आधारशिला रखी गई. और दूसरा कारण यह कि देश ही नहीं शायद दुनिया में पहली बार एक साथ दो देशों के शासन प्रमुखाें (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे) ने मिलकर किसी परियोजना को शुरू किया. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘यह समय अब धीमे-सतत् विकास का नहीं है. बल्कि विकास को तेज गति देने का है. हम उसी दिशा में बढ़ रहे हैं.’

प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना को ‘जापान की ओर से भारत को दिया गया उपहार’ बताया. इसके लिए विशेष रूप से जापानी प्रधानमंत्री आबे को धन्यवाद दिया और कहा, ‘भारत-जापान की मित्रता सदियों पुरानी है. हर कसौटी पर यह हमेशा खरी साबित हुई है.’ उन्होंने कहा, ‘भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना का पूरा श्रेय जापान और वहां के प्रधानमंत्री आबे को जाता है, जिन्होंने इसमें विशेष रुचि ली.’

प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, ‘कोई आपसे कहे कि कर्ज़ ले लो और अगले 50 साल में लौटा देना, तो भी एक बार भराेसा हो जाएगा. लेकिन जापान के रूप में तो हमें ऐसा मित्र मिला है जो इस परियोजना की लागत की करीब 90 फीसदी रकम (88 हजार करोड़ रुपए) महज़ 0.1 ब्याज की दर पर बतौर कर्ज़ दे रहा है. वह भी अगले 50 साल के लिए. यह बात किसी के लिए भी आसानी से विश्वास करने लायक नहीं मानी जा सकती.’

मोदी ने कहा, ‘देश ने दशकों पुराना सपना साकार करने की तरफ कदम बढ़ाया है. बुलेट ट्रेन परियोजना से देश के लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. इससे हमारे पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं होगा.’ उन्होंने इस परियोजना के समय से पहले पूरे होने की भी अपेक्षा की और कहा, ‘मैं चाहता हूं कि 15 अगस्त 2022 में जब देश आज़ादी की 75 सालगिरह मनाए तो उस मौके पर देशवासियों को बुलेट ट्रेन का तोहफा मिले.’

इस मौके पर जापानी प्रधानमंत्री आबे ने भी कहा, ‘अगर हम मिलकर काम करें तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है.’ उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ के प्रति भी जापान की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा, ‘मुझे भारत से विशेष लगाव है. यहां के लिए मुझसे जो बन पड़ेगा करूंगा.’ ग़ौरतलब है कि अहमदाबाद से मुंबई के बीच 508 किलोमीटर लंबे मार्ग पर आकार ले रही बुलेट ट्रेन परियोजना की कुल लागत फिलहाल 1.08 लाख करोड़ रुपए है.

हालांकि परियोजना पूरी होने तक लागत 1.1 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान ज़ताया जा रहा है. सामान्य समय सीमा के मुताबिक इसके अगस्त 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है. लेकिन मोदी सरकार इसे एक साल पहले पूरा करना चाहती है. बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच का सफर महज़ दो घंटे में पूरा करेगी. इस सफर का 21 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे होगा. पूरे रास्ते में इस ट्रेन के 12 स्टॉपेज होंगे.