हरियाणा के रायन इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय बच्चे की हत्या के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पुख्ता करने के प्रयासों में तेजी आ गई है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सभी संबद्ध स्कूलों को अपने कर्मचारियों का साइकोमेट्रिक टेस्ट कराने का आदेश दिया है. इस टेस्ट में किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति और व्यवहार का विस्तृत आकलन होता है. बुधवार को जारी ‘सेफ्टी ऑफ चिल्ड्रेन’ नाम के एक सर्कुलर में सीबीएसई ने कहा है कि सभी स्कूल अपने शिक्षकों और दूसरे सहायक कर्मचारियों की जांच करें.

रिपोर्ट के मुताबिक सीबीएसई ने इस सर्कुलर में इस बात को भी स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा पूरी तरह से स्कूल की जिम्मेदारी है. सीबीएसई ने यह सफाई सुप्रीम कोर्ट के एक सवाल के जवाब में दी है. इसके अलावा सीबीएसई ने यह भी कहा है कि भय और उत्पीड़न मुक्त माहौल में पढ़ाई करना छात्रों का अधिकार है. इसके अलावा स्कूलों को अपने सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराने और स्कूल परिसर में खतरनाक जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का भी आदेश दिया गया है. इसके लिए स्कूलों को दो महीने का समय मिला है.

सीबीएसई ने स्कूलों में बच्चों के सुरक्षा उपायों की निगरानी के लिए अभिभावक-शिक्षक समिति बनाने और समय-समय पर उनकी राय लेने के लिए भी कहा है. इसके अलावा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों के बारे में शिक्षकों और अन्य स्टाफ की समझ बढ़ाने के लिए भी कहा गया है. सीबीएसई ने स्कूलों को तत्काल ऐसी व्यवस्था बनाने को कहा है जिससे छात्रों की सुरक्षा संबंधी कानूनों के उल्लंघन की शिकायतों को सुना जा सके और दोषियों पर कार्रवाई की जा सके.