बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भारतीय जनता पार्टी के साथ जाने से नाराज जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने गुरुवार को जयपुर में भी साझा विरासत बचाओ सम्मेलन बुलाया. इससे पहले शरद यादव दिल्ली और मध्यप्रदेश के इंदौर में इस सम्मेलन का आयोजन कर चुके हैं. जयपुर में अपने संबोधन के दौरान शरद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘जब धर्म और राजनीति एक दूसरे में मिल जाते हैं तो इराक, सीरिया और पाकिस्तान जैसे देशों का उदय होता है.’ बकौल यादव, ‘भारत ने सैंकड़ों वर्षों की लड़ाई के बाद आजादी और लोकतंत्र को हासिल किया था लेकिन भाजपा के राज में हमारी इन विरासतों पर खतरा मंडरा रहा है. ऐसे में हमें एकजुट होकर इन ताकतों से लड़ने की जरूरत है.’

यादव के अलावा इस सम्मेलन में शामिल हुए अन्य विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस को जमकर आड़े हाथों लिया. भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के राष्ट्रीय महासचिव अतुल कुमार अंजान ने इंग्लैंड को श्यामा प्रसाद मुखर्जी का निधन स्थल बताने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महामूर्ख तक की उपमा दे दी. उन्होंने प्रधानमंत्री के एक पुराने भाषण का हवाला देते हुए यह बात कही. अंजान के मुताबिक मोदी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस की तत्कालीन केंद्र सरकार ने इंग्लैंड से श्यामा प्रसाद मुखर्जी की अस्थियां भारत नहीं आने दी थीं.

शरद यादव और अतुल कुमार के अलावा इस सम्मेलन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा, जेकेएनसी के सुरजीत सिंह, सीपीएम के सीताराम येचुरी, एनसीपी के तारिक अनवर, आरजेडी के मनोज झा, जेडीयू के अली अनवर अंसारी, टीएमसी के सुखेंदु शेखर रॉय, बीबीएम के प्रकाश अंबेडकर और राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट भी शामिल हुए थे.