संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नए प्रतिबंधों को लेकर उत्तर कोरिया की तीखी बयानबाजी जारी है. उत्तर कोरिया की विदेश मामलों और प्रचार संबंधी एक समिति ने जापान और अमेरिका को बर्बाद करने की धमकी दी है. उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी केसीएनए के मुताबिक कोरिया एशिया-पैसफिक पीस कमेटी ने कहा है, ‘जापान के चारों द्वीपों को परमाणु बमों से समुद्र में डुबो देना चाहिए. हमारे नजदीक जापान की कोई जरूरत नहीं है.’

कोरिया एशिया-पैसफिक पीस कमेटी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को ‘बुराइयों’ को बढ़ावा देने वाला जरिया बताया है. साथ ही उसे भंग करने की अपील भी की है. उसका यह भी कहना है कि सुरक्षा परिषद रिश्वत लेने वाले देशों से बना है जो अमेरिका के आदेश पर काम करते हैं. अमेरिका को धमकी देते हुए इस समति ने कहा है, ‘आओ, अमेरिका को राख और अंधेरे में तब्दील कर दें. आओ, अब तक तैयार सभी जवाबी साधनों को जुटाकर अपने गुस्से को जाहिर कर दें.’

उधर, उत्तर कोरिया की तमाम धमकियों के बावजूद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन ने परमाणु हथियारों की जरूरत को खारिज किया है. उनके मुताबिक परमाणु हथियारों से कोरियाई प्रायद्वीप में शांति नहीं आएगी, बल्कि हथियारों की दौड़ पैदा हो जाएगी. इसके साथ ही दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने कहा है कि वह विश्व खाद्य कार्यक्रम और यूनिसेफ के जरिए उत्तर कोरिया के नवजातों और गर्भवती महिलाओं की मदद के लिए 80 लाख डॉलर की मानवीय सहायता देने की योजना बना रहा है.