मोदी सरकार की बहुचर्चित अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना का काम औपचारिक रूप से आज शुरू हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने मिलकर अहमदाबाद में आज इसकी आधारशिला रखी. शिंजो आबे अपनी दो दिन की भारत यात्रा के तहत बुधवार को अहमदाबाद पहुंचे थे और सोशल मीडिया पर उनकी इस यात्रा के साथ जापान के सहयोग से शुरू होने वाली बुलेट ट्रेन परियोजना की चर्चा कल से ही चल रही है. भाजपा समर्थकों के साथ एक बड़े तबके ने इस परियोजना का स्वागत करते हुए भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में इसे मील का पत्थर बताया है. वहीं भारतीय रेल प्रणाली की खस्ता हालत का हवाला देते हुए लोगों ने बुलेट ट्रेन पर सवाल भी उठाए हैं. अलका मारिया जैकब का ट्वीट है, ‘किसी ने भी बुलेट ट्रेन की मांग नहीं की थी. भारतीय होने के नाते हमें अपनी प्राथमिकताएं पता हैं. बुलेट ट्रेन तो लग्जरी है, फिलहाल हमें अपनी रेल व्यवस्था में सुधार करने की जरूरत है.’

इस आयोजन को गुजरात विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए भी कई लोगों ने टिप्पणियां की हैं. ट्विटर पर कृष्णा कान्त राहुल‏ का कहना है, ‘जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे को अभी तक पता नहीं चल पाया कि उनका इस्तेमाल बुलेट ट्रेन के लिए नहीं, बल्कि गुजरात चुनाव के लिए हो रहा है.’ फैज़ान उर रहमान की फेसबुक पर टिप्पणी है, ‘भाजपा के स्टार प्रचार शिंजो आबे का गुजरात का तूफानी चुनावी दौरा. यूपी में चुनाव थे तो काशी को क्योटो बना रहे थे. अब गुजरात में चुनाव है तो बुलेट ट्रेन चला रहे हैं.’

आज हिंदी दिवस है. सोशल मीडिया में लोगों ने इस मौके पर बधाई संदेश देने के साथ-साथ हिंदी भाषा की चुनौतियों पर बात की है और खूब मजेदार अंदाज में की है. ट्विटर हैंडल @for1aman पर टिप्पणी है, ‘जिन्हें उनहत्तर, उन्यासी और नवासी में फर्क समझ आता है, उन सबको भी हिंदी दिवस की शुभकामनाएं.’ वहीं फेसबुक पर आशुतोष ने लिखा है, ‘मातृभाषा में गालियां देने वाले ही हिंदी बचाएंगे.’

सोशल मीडिया में बुलेट की आधारशिला रखे जाने और हिंदी दिवस पर आईं कुछ और प्रतिक्रियाएं :

रमेश श्रीवत्स | @rameshsrivats

बुलेट ट्रेन चलने के इंतजार में हूं. आईआरसीटीसी के पास सिर्फ पांच साल बचे हैं, इतने में वह सुनिश्चित कर ले कि टिकट बुक करने में लगने वाला समय, यात्रा में लगने वाले समय से कम हो जाए.

अभिषेक दत्ता |‏ @ADRTHEBARD

बुलेट ट्रेन के चलते पांच साल बाद मुंबई-अहमदाबाद की दूरी दो घंटे में तय हो सकेगी. लेकिन कार से अंधेरी ईस्ट से अंधेरी वेस्ट तक जाने में तब भी ज्यादा समय लगेगा.

संदीप गुप्ता | @DelhiTweeter

1964 : जापान (शिंकासेन) में दुनिया की पहली बुलेट ट्रेन का उद्घाटन. इस महीने यह 53 साल की हो गई है.

शकुनि मामा | @ShakuniUncle

अच्छे दिनों की गोली देने को अंग्रेजी में बुलेट ट्रेन भी कह सकते हैं.

इंजीनर्ड |‏ @mainbhiengineer

मोदी जी ने अकेले ही जापान के प्रधानमंत्री को लोन और बुलेट ट्रेन के लिए तैयार कर लिया, लेकिन यहां हम 125 करोड़ लोग भारतीय प्रधानमंत्री को पटरियों की मरम्मत के लिए तैयार नहीं कर पा रहे हैं.

ओम थानवी | @omthanvi

ज़बरिया हिंदी थोपने वाले बुलेट ट्रेन को हिंदी में कब चलाएंगे?

सुयश सुप्रभ | facebook/suyash.suprabh

पहले हिंदी को बचाने की चिंता होती थी. अब ख़ुद को बचाने की होती है. जान है तो जहान है.

अनुग्रह मिश्रा |‏ @anugrahspeaks

अंग्रेजी आती नहीं और हिन्दी जाती नहीं.