उत्तर कोरिया ने जापान के ऊपर से एक और मिसाइल छोड़ी है. दक्षिण कोरिया और जापान ने इसकी जानकारी दी है. दो हफ्ते पहले ही उत्तर कोरिया ने ह्वासॉन्ग 2 नाम की एक मिसाइल का परीक्षण किया था. यह मिसाइल भी जापान से होकर गुजरी थी. इससे एक दिन पहले ही उत्तर कोरिया ने जापान को समुद्र में डुबोने की धमकी दी थी.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ शुक्रवार को लॉन्च की गई मिसाइल उत्तर कोरिया की अब तक की सबसे लंबी दूरी तय करने वाला मिसाइल थी. बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस लॉन्चिंग के कुछ ही मिनट बाद दक्षिण कोरिया ने जवाब में दो बैलिस्टिक मिसाइलें छोड़ी हैं. इसी महीने की शुरुआत में उत्तर कोरिया ने अपना छठा परमाणु परीक्षण किया था. इसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से उस पर आठ नए प्रतिबंध लगा दिए थे.

उधर, टाइम्स ऑफ़ इंडिया की खबर में यूएस पैसिफ़िक कमांड के हवाले से कहा गया है कि यह एक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल थी. हालांकि उसने कहा कि इसकी पहुंच अमेरिका तक नहीं है. जापान के अलर्ट सिस्टम ने जानकारी दी कि शुक्रवार को लॉन्च की गई यह मिसाइल उत्तरी जापान के पूर्वी हिस्से में पड़ने वाले होकाइदो से होते हुए प्रशांत महासागर की तरफ़ गई. दक्षिण कोरिया का कहना है कि इसने क़रीब 3700 किलोमीटर की दूरी तय की जबकि इसकी उड़ान की ऊंचाई 770 किलोमीटर तक रही.

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और अमेरिका के रक्षा सचिव जिम मैटिस ने इसे लापरवाही भरा क़दम बताया है. बीबीसी के मुताबिक़ शिंजो आबे ने कहा कि अगर उत्तर कोरिया इसी रास्ते पर चलता रहा तो उसका कोई भविष्य नहीं है. जिम मैटिस ने इस मिसाइल लॉन्चिंग के लिए चीन और रूस को जिम्मेदार बताया. उन्होंने कहा कि ये दोनों देश परमाणु हथियार वाले उत्तर कोरिया के आर्थिक साझीदार हैं.

तानाशाह किम जोंग-उन के नेतृत्व में उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों और मिसाइल परियोजनाओं ने कोरियाई प्रायद्वीप में युद्ध का संकट खड़ा कर दिया है. हालात की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका ने अपने दस हज़ार सैनिकों को जापान और दक्षिण कोरिया में तैनात किया हुआ है. ताज़ा घटनाक्रम की जानकारी मिलने के बाद संयुक्त राष्ट्र और जापान की अपील पर यूएनएससी ने शुक्रवार को ही मीटिंग करने का फ़ैसला किया है.