लगता है तमिलनाडु की राजनीति का फिल्मी सितारों से नाता अभी आगे भी बना रहने वाला है. बीते दिसंबर में जयललिता के निधन की वज़ह से खाली हुई यह जगह भरने के लिए वहां एक नहीं बल्कि दो फिल्मी हस्तियां तैयार दिख रही हैं. इनमें एक हैं- रजनीकांत और दूसरे कमल हासन. इनमें से रजनीकांत तो अब तक महज़ संकेत ही दे रहे थे लेकिन लगता है कमल हासन ने राजनीति में उतरने की पूरी तैयारी कर ली है.

इंडिया टुडे के मुताबिक 62 वर्षीय कमल हासन ने मीडिया से बातचीत में कहा है, ‘तमिलनाडु की राजनीति में बदलाव आ सकता है. और मैं वह बदलाव लाना चाहता हूं. फिर इससे ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता कि बदलाव कितना धीरे-धीरे होगा. मैं बदलाव की प्रक्रिया शुरू करने का वादा करता हूं.’ इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी का और गंभीर संकेत छोड़ते हुए जनता से अपील की, ‘आपको मुझे वोट देने के बाद पांच साल बाद होने वाले चुनाव तक इंतज़ार नहीं करना होगा. अगर मैं नतीज़े नहीं दे पाया तो आप मुझको तुरंत मेरे पद से हटा सकते हैं.’

कमल हासन ने राजनीतिक एजेंडा भी स्पष्ट किया और कहा, ‘या तो मैं जाऊंगा या फिर राजनीति से भ्रष्टाचार को जाना होगा. हम दोनों साथ नहीं रह सकते.’ हालांकि उन्होंने यह भी साफ ज़ाहिर कर दिया कि वे किसी मौज़ूदा राजनीतिक दल का दामन पकड़कर राजनीति में नहीं आएंगे. उनके मुताबिक, ‘किसी राजनीतिक दल का मतलब होता है किसी विचार या विचारधारा का प्रतिनिधि होना. और मुझे नहीं लगता कि राजनीति में मेरे लक्ष्य किसी राजनीतिक दल की विचारधारा से मेल खाएंगे.’ यानी उनके द्वारा अलग पार्टी बनाना भी तय है.

हालांकि इसके बावज़ूद माना जा रहा है कि कमल हासन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के संपर्क में हैं. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने इस सप्ताह के शुरू में कहा था कि अगले साल हैदराबाद में होने वाले पार्टी के महासम्मेलन में लोकप्रिय फिल्मी सितारों का एक सत्र आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है. इसके अलावा कमल हासन ने इसी महीने के शुरू में केरल के मुख्यमंत्री और माकपा की शीर्ष इकाई- पोलित ब्यूरो के सदस्य पिनराई विजयन से भी मुलाकात की थी. इसके बाद उन्होंने कहा था, ‘मैं आपको एक बात तो साफ तौर पर कह सकता हूं कि निश्चित ही मेरा रंग केसरिया नहीं है. वामपंथ के अधिकांश नायक मेरे आदर्श हैं.’