एयरसेल-मैक्सिस मामले में कार्ति चिदंबरम को समन भेजने पर कांग्रेस नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पर निशाना साधा है. ट्विटर पर उन्होंने लिखा, ‘निराशाजनक है कि सीबीआई गलत जानकारी फैला रही है. एयरसेल-मैक्सिस मामले में विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) के अधिकारी सीबीआई को बता चुके हैं कि इस मामले की सारी मंजूरियां सही थीं.’ अगले ट्वीट में पी चिदंबरम ने कहा, ‘एयरसेल-मैक्सिस मामले में एफआईपीबी ने सिफारिश की थी और मैंने मिनट्स को मंजूरी दी थी. इसलिए सीबीआई को मुझसे पूछताछ करनी चाहिए और कार्ति चिदंबरम को परेशान नहीं करना चाहिए.’

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार गुरुवार को कार्ति चिदंबरम ने एयरसेल-मैक्सिस मामले में सीबीआई के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा था कि विशेष अदालत सभी आरोपितों को बरी कर चुकी है और मामले को भी बंद कर चुकी है. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि सीबीआई अभी भी इस मामले में जांच कर रही है, क्योंकि अदालत ने इसकी एफआईआर नहीं खारिज की है.

एयरसेल-मैक्सिस मामला 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले का ही हिस्सा है. 2011 में एयरसेल के पूर्व प्रमुख सी शिवशंकरन ने सीबीआई से शिकायत की थी कि तत्कालीन संचार मंत्री दयानिधि मारन ने उन पर एयरसेल को एक मलेशियाई कंपनी मैक्सिस को बेचने के लिए दबाव बनाया था. हालांकि, इसी साल फरवरी में विशेष अदालत दयानिधि मारन और अन्य आरोपितों को बरी कर चुकी है. इस मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था कि 2006 में एयरसेल को मैक्सिस द्वारा किए गए 4,000 करोड़ रुपये के भुगतान में से कार्ति चिदंबरम की कंपनी को पांच फीसदी हिस्सा मिला था. सुब्रमण्यम स्वामी के मुताबिक कार्ति चिदंबरम को पांच फीसदी भुगतान न मिलने तक पी चिंदबरम ने इसकी एफआईपीबी मंजूरी को रोक दिया था.