आपने जल संसाधन और गंगा पुनरुद्धार मंत्री के पद से इस्तीफा क्यों दिया?

असल में गंगा साफ करते-करते मेरे सारे गेरुए वस्त्र मैले हो चुके थे. मैं साध्वी कम, सफाईकर्मी ज्यादा दिखने लगी थी. अब्ब्ब...मेरा मतलब कि मैंने बहुत मेहनत से गंगा सफाई अभियान पर काम किया है, लेकिन गंगा फिर भी साफ नहीं दिख रही किसी को, इस बात से आहत होकर मैंने इस्तीफा दे दिया.

सुनने में तो यह आया है कि आपने स्वास्थ्य संबंधी कारणों से मंत्री पद छोड़ा था. ऐसा था तो आप फिर से इतनी जल्दी मंत्री क्यों बन गईं? आपका स्वास्थ्य इतनी जल्दी ठीक हो गया?

ठीक कहां हो गया! इच्छा और स्वास्थ्य दोनों गंगा की धार जैसे हैं जो कभी-भी, कहीं-भी अठखेलियां कर सकते हैं.

आपने यह भी कहा था कि गंगा के लिए आप इंद्र का आसन भी त्याग सकती हैं, लेकिन आपने तो केंद्रीय मंत्री का दर्जा भी नहीं छोड़ा?

ऐसा मैंने जोश में कहा था, अब मैं होश में हूं. जोश में की गई गलती को होश में संभाल लेना चाहिए. (मुस्कुराते हुए)

लेकिन गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय से इस्तीफा देते समय तो आपने कहा था किअब कोई दूसरी जिम्मेदारी नहीं लूंगी.फिर अचानक निर्णय को क्यों बदल दिया?

(मुस्कुराते हुए) मैं चाहे ये करूं, मैं चाहे वो करूं, मेरी मर्जी!

आपका कहना है कि आपको गंगा से कोई अलग नहीं कर सकता. लेकिन मंत्रालय के बिना क्या आप गंगा से खुद को पहले की तरह जोड़ पाएंगी?

गंगा सफाई में मेरे जो वस्त्र गंदे हुए हैं, वे गंगा में ही तो धोऊंगी. वैसे भी हर रोज दो वक्त की गंगा जी की आरती और पीने के लिए सिर्फ गंगा के पानी की आपूर्ति के लिए मैंने नितिन गडकरी से बात कर ली है. इस तरह से मैं गंगा से जुड़ी रहूंगी.

जल संसाधन और गंगा पुनरुद्धार जैसा बड़ा मंत्रालय संभालने के बाद अब पेयजल और स्वच्छता जैसा छोटा मंत्रालय संभालते हुए आपको कैसा लगेगा?

(चिढ़ते हुए) आप इसे छोटा कहती हैं! पहले मैं सिर्फ एक नदी की साफ-सफाई का काम पार्ट टाईम में देखती थी, अब पूरे देश के गांवों की सफाई का इंतजाम देखना है. ऐसा लग रहा है जैसे अब मैं फुल टाईम सफाईकर्मी बना दी गई हूं!

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि आपका काम संतोषजनक नहीं था, इस कारण गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय आपसे ले लिया गया.

(खीजते हुए) क्या बकवास है. जिस इंसान को सिर्फ एक नदी साफ करने में सक्षम नहीं पाया गया हो उसे देशभर के गांवों की सफाई का जिम्मा भला कैसे दिया जा सकता है! अब्ब्ब...मेरा मतलब कि गंगा सफाई के प्रति पूरी लगन देखकर ही मुझे पूरे देश के गांवों की स्वच्छता का काम सौंपा गया है. मैं इसे भी उसी लगन और ईमानदारी से करूंगी.

सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद मामले में लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और आपके साथ-साथ 13 अन्य लोगों पर भी आपराधिक साजिश करने का मुकदमा चलाने की बात कही है. इस बारे में आपका क्या कहना है?

इसमें कहने को बचा ही क्या है! कभी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ मिलकर सजिश करने वाली, आज खुद ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की साजिश की शिकार हो गई! अब्ब्ब...मेरा मतलब कि मैं साजिश करने वाली इंसान नहीं हूं. अपने रामलला के लिए मुझे जो कुछ करना होगा, मैं खुलकर करूंगी.

आप भी मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. आज आप प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के काम को किस तरह देखती हैं?

‘चूक मत चौहान’ की तर्ज पर वे लगातार मुख्यमंत्री बनने में तो नहीं चूके, बाकि उनके सारे कामकाजों में चूक ही चूक है. प्रदेश की जनता मुझे फिर से मुख्यमंत्री के पद पर देखना चाहती है.

आप जब-तब विवादित बयान क्यों देती रहती हैं?

विवादित चीजों से मेरा पुराना नाता है, फिर चाहे वह विवादित ढांचा हो या विवादित बयान. मेरा तो नाम ही विवादित भारती होना चाहिए था! (हंसते हुए)

उमा जी, आपको दो बार भारतीय जनता पार्टी से निलंबित किया गया. लेकिन हर बार आपकी पार्टी में वापसी हो गई. आखिर आपकी शख्सियत में ऐसा क्या खास है कि पार्टी को आपकी कमी महसूस होने लगती है?

देखिये, शेर भले ही जंगल का राजा हो पर शिकार शेरनी ही करती है. (हंसते हुए) तो आप समझिये कि मैं भाजपा की शेरनी हूं. मेरे बिना पार्टी का गुजारा नहीं है.

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पहले आपने उन पर तंज करते हुए कहा था, भीड़ खींचने की क्षमता किसी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीद्वार नहीं बनाती.आज तीन साल बाद आप बतौर प्रधानमंत्री उनके कामकाज को किसी तरह देखती हैं?

मैं उनके बारे में बस यही कहूंगी कि उनमें भीड़ को खींचने के साथ-साथ, भीड़ को लपेटने की भी अच्छी क्षमता है! अब्ब्ब...मेरा मतलब कि अपनी कार्यप्रणाली से उन्होंने साबित कर दिया कि वे बहुत अच्छे पतंगबाज हैं. उनमें मांझे को खींचने, ढील देने और लपेटने के अच्छे गुण हैं. मेरे कहने का मतलब है कि वे एक बहुत अच्छे नेतृत्वकर्ता हैं.

लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा और आपके नाम के पीछे भारती लिखा है. क्या आपका उनसे भी कोई कनेक्शन है?

(गुस्से से) मेरे नाम के साथ मीसा भारती जैसी भ्रष्टाचारी महिला का नाम लेकर आप मेरा अपमान कर रही हैं. उन्हें मीसा ‘भारती’ नहीं, ‘डकारती’ लिखना चाहिए! अपने पिता की तरह उनमें भी बहुत कुछ चुपचाप डकार जाने की अच्छी क्षमता है.

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने 14 फर्जी बाबाओं की सूची जारी की है. इस बारे में आपका क्या कहना है?

उन 14 में से 13 बाबा हैं और एक दादी! अब्ब्ब...मेरा मतलब कि राधे मां है. परिषद ने यह बहुत ही अच्छा कदम उठाया है. ऐसे फर्जी बाबाओं-दादियों ने हिंदू धर्म को सबसे ज्यादा बदनाम किया है, इन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.

अच्छा यह बताइये कि गंगा सफाई अभियान में आप खुद को कितना सफल मानती हैं?

ठीक उतना ही जितना मोदी जी अच्छे दिन लाने में सफल हुए हैं, अब्ब्ब...मेरा मतलब कि न तो अच्छे दिन सिर्फ तीन साल में आ सकते हैं, न ही गंगा इतने कम समय में पूरी तरह साफ हो सकती है. लेकिन मैंने अपना काम बहुत मेहनत और ईमानदारी से किया है.

इस बात में कितनी सच्चाई है कि आपको मंत्रिमंडल में रखना मोदी जी की मजबूरी है?

मोदी जी दूसरों पर चाहे जितना तुनकते हों, पर मेरी तुनकमिजाजी से वे डरते हैं! अब्ब्ब...मेरा मतलब वे मुझे और मेरे काम करने के तरीके को बहुत पसंद करते हैं. और किसी को पसंद या नापसंद करने के बाद तो वे खुद की भी नहीं सुनते.